अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक अहम जानकारी साझा की है। पुलिस के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले का एक व्यक्ति राम मंदिर परिसर के भीतर संदिग्ध गतिविधि करते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद उसे तत्काल हिरासत में ले लिया गया। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। यूपी पुलिस के मुताबिक, 55 वर्षीय व्यक्ति दिन के समय एक सामान्य श्रद्धालु की तरह मंदिर परिसर में दाखिल हुआ था। उसने विधिवत दर्शन किए, लेकिन इसके बाद वह सीता रसोई क्षेत्र की ओर बढ़ा। वहां उसकी गतिविधियों ने उच्च सुरक्षा क्षेत्र में तैनात सुरक्षाकर्मियों का ध्यान आकर्षित किया। एहतियात के तौर पर सुरक्षा कर्मचारियों ने उसे रोका और पूछताछ के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा है। उसके परिवार ने पुलिस को बताया कि वह कई वर्षों से मानसिक बीमारी का इलाज करा रहा है। इस दावे के समर्थन में श्रीनगर स्थित एक सरकारी मेडिकल संस्थान के दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए हैं। परिवार का कहना है कि वह व्यक्ति अक्सर बिना बताए घर से निकल जाता है और अयोध्या जाने की जानकारी उन्हें भी नहीं थी।
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व्यक्ति के बेटे ने स्थानीय मीडिया को बताया कि उनके पिता की मानसिक स्थिति के कारण उन्हें अपने कार्यों के परिणामों और सामाजिक सीमाओं का सही अंदाजा नहीं रहता। वहीं, शोपियां क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने भी पुष्टि की है कि वह नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करता रहा है और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का उसका पुराना इतिहास है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति के पास से कोई आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई है। उसकी यात्रा के साधन, मेडिकल पृष्ठभूमि और मंदिर परिसर तक पहुंचने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की संलिप्तता के संकेत नहीं मिले हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा है कि राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है और किसी भी तरह की आशंका से निपटने के लिए सभी एजेंसियां सतर्क हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षाकर्मियों को दें।
