उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के बाद मंगलवार को ड्राफ्ट यानी कच्ची मतदाता सूची जारी की जाएगी। इस सूची में कुल 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल होंगे। चुनाव आयोग द्वारा की गई इस व्यापक प्रक्रिया के दौरान 2.89 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जो विभिन्न श्रेणियों में आते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सोमवार को एक समीक्षा बैठक कर सभी जिलों में तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित होनी चाहिए। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल पात्र मतदाताओं के नाम ही सूची में बने रहें। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जिन 2.89 करोड़ नामों को हटाया गया है, उनमें 1.26 करोड़ मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित, 46 लाख मृत, 23.70 लाख डुप्लीकेट, 83.73 लाख अनुपस्थित और 9.57 लाख अन्य श्रेणी में शामिल हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि सूची को अद्यतन करने के लिए बड़े स्तर पर जांच-पड़ताल की गई।
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चुनाव आयोग ने बताया कि प्रदेश में लगभग 91 प्रतिशत मतदाताओं का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से हो चुका है। ऐसे मतदाताओं से कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे और उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में स्वतः शामिल किए जाएंगे। इससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद मंगलवार से 6 फरवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से हट गया है या सूची में कोई त्रुटि है, तो वह निर्धारित समय के भीतर सुधार के लिए आवेदन कर सकता है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 27 फरवरी तक सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण कर लिया जाएगा।
इसके बाद 6 मार्च को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जो आगामी चुनावों के लिए आधार बनेगी। चुनाव आयोग अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर यह पूरी प्रक्रिया करवा रहा है। गौरतलब है कि आयोग ने 27 अक्टूबर को एसआईआर कराने की घोषणा की थी। इसके बाद 30 नवंबर और 11 दिसंबर को संशोधित कार्यक्रम जारी किए गए। अब तीसरी बार समयसीमा बढ़ाकर इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
