
- पूरे वर्ष कातिलों का रहा आतंक, चोर लुटेरे भी नहीं रहे पीछे
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। बुधवार को आधी रात को राजधानी पुलिस नए वर्ष में प्रवेश करेगी। नववर्ष में राजधानी पुलिस को बीते सालों से सबक लेते हुए फूंक-फूंक कर कदम रखना होगा। तेजी से बढ़ती आपराधिक वारदातों को रोकना पुलिस के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। वर्ष 2024 का रिकॉर्ड तोड़ते हुए तेज़ी से आगे निकल चुका है। इसलिए पुलिस के आलाधिकारियों को 2026 में खास सतर्कता बरतनी होगी। बीत रहे 2025 में शुरूआती दौर से लेकर 31 दिसंबर के बीच हत्याएं सौ से पार हो गई, जबकि चोर लुटेरों और खून-खराबा भी चरम पर रहा। पुलिस की सतर्कता पर नजर डालें तो साल के अंतिम पड़ाव पर एक दिन में चार हत्याएं कर हत्यारों ने पुलिस को खुली चुनौती दे डाली है।
इस वर्ष राजधानी पुलिस को और मॉडर्न कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरों सहित अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं से की सौगात दी गई है, देखना यह है कि पुलिस अधिकारी इसका 2026 में अपराधिक वारदातों को रोकने में कितना इस्तेमाल कर पाते हैं। गौर करें तो इस साल हत्या, लूट, चोरी, बलवा, अपहरण सहित अन्य मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। हालांकि पुलिस ने कईयो बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया तो कई अपराधी पुलिस की गोली से लंगड़े हुए, लेकिन इसके बावजूद भी राजधानी लखनऊ के शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में हत्यारों का बोलबाला रहा। यही नहीं साल 2025 में वहशियों का भी खूब आतंक रहा।

