- भारी फोर्स तैनात; अवैध निर्माण पर चल सकता है बुलडोजर
संभल जिले में जामा मस्जिद से सटे कब्रिस्तान की जमीन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार से कब्रिस्तान की भूमि की आधिकारिक पैमाइश शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई करीब 8 बीघा जमीन पर कथित अवैध कब्जों को लेकर की जा रही है, जहां मकान और दुकानें बनाए जाने का आरोप है। किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल, PAC, RRF और RAF की तैनाती की गई है।
प्रशासन के अनुसार, कब्रिस्तान की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर एक बड़ी राजस्व टीम गठित की गई। इस टीम में तहसीलदार के नेतृत्व में 4 कानूनगो और 22 लेखपाल शामिल हैं। कुल 29 अधिकारी-कर्मचारी पैमाइश की प्रक्रिया को अंजाम दे रहे हैं। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
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पैमाइश को लेकर सख्त इंतजाम
संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। आठ थाना क्षेत्रों की पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद है। इसके अलावा इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी, स्थानीय पुलिस, एलआईयू टीम और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट भी तैनात की गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह या माहौल बिगाड़ने की कोशिश पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतकर्ता का दावा है कि कब्रिस्तान की जमीन पर बने अवैध मकानों और दुकानों का संबंध 2024 में हुई हिंसा से भी है। आरोप है कि इन्हीं निर्माणों की आड़ से पुलिस पर पथराव और फायरिंग की गई थी। प्रशासन इस पहलू की भी जांच कर रहा है और सभी तथ्यों को पैमाइश रिपोर्ट से जोड़ा जाएगा।
प्रशासन का बयान
संभल के एसपी ने बताया कि यह इलाका हरिहर मंदिर और जामा मस्जिद के पास स्थित कब्रिस्तान की भूमि है। जांच के लिए विशेष प्रशासनिक टीम बनाई गई है। ड्रोन सर्विलांस के साथ सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की भ्रामक सूचना फैलने से रोका जा सके।
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि यह लगभग 10,000 वर्ग मीटर की जमीन है, जिस पर वर्ष 2005 से अवैध कब्जे की बात सामने आई है। यदि पैमाइश में अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो अवैध मकानों और दुकानों को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी।
