ढाका। बांग्लादेश की राजनीति की सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में शामिल और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन हो गया है। उन्होंने 30 दिसंबर की सुबह ढाका के एवरकेयर अस्पताल में अंतिम सांस ली। 80 वर्षीय खालिदा जिया पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती थीं, लेकिन बीती रात उनकी तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के मीडिया सेल ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज के माध्यम से उनके निधन की पुष्टि की। पार्टी के अनुसार, खालिदा जिया का इंतकाल फज्र की नमाज के बाद सुबह करीब छह बजे हुआ। उनके निधन की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर के बाहर पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई।
बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री
खालिदा जिया बांग्लादेश की राजनीति में एक ऐतिहासिक नाम रही हैं। वह देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं और दो बार इस पद पर रहीं। इसके साथ ही वह बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की संस्थापक नेता और लंबे समय तक पार्टी की अध्यक्ष भी रहीं। उनके नेतृत्व में BNP बांग्लादेश की प्रमुख राजनीतिक ताकत बनकर उभरी।
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खालिदा जिया के निधन के बाद BNP ने सात दिनों के आधिकारिक शोक की घोषणा की है। पार्टी के वरिष्ठ संयुक्त महासचिव रुहुल कबीर रिजवी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि इस दौरान नयापलटन स्थित केंद्रीय कार्यालय सहित देशभर के पार्टी दफ्तरों पर काले झंडे फहराए जाएंगे। नेता और कार्यकर्ता काले बैज पहनेंगे और विभिन्न स्थानों पर दुआ महफिलों का आयोजन किया जाएगा।
बेटे तारिक रहमान की भावुक वापसी
खालिदा जिया के बड़े बेटे और BNP के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान हाल ही में 17 साल बाद लंदन से बांग्लादेश लौटे थे। 25 दिसंबर को उनकी वापसी को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा था, लेकिन मां के निधन ने इसे एक गहरे शोक में बदल दिया। बताया गया है कि तारिक रहमान देर रात अस्पताल पहुंचे और कई घंटे वहां मौजूद रहे।
खालिदा जिया का निधन ऐसे समय पर हुआ है, जब बांग्लादेश चुनावी माहौल की ओर बढ़ रहा है। देश में 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव प्रस्तावित हैं। अगस्त 2024 में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था, जिसके बाद नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी। ऐसे राजनीतिक माहौल में खालिदा जिया का जाना BNP के लिए भावनात्मक और रणनीतिक दोनों ही स्तर पर बड़ा झटका माना जा रहा है।
