- चालाकी बरतने के बाद भी कानून के शिकंजे से नहीं पहुंच सके, छह लोगों को दबोचा
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। मुख्यमंत्री पोर्टल जमीन की कब्जेदारी और पुलिस को लूट होने की सूचना देने वाले शातिर खुद ही अपने बूने जाल में फंस गए। गोसाईगंज पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद झूठी कहानी गढ़ने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह लोग एक-दो बार नहीं कईयो बार जमीन पर कब्जा और लूट की खबर देख पुलिस को गुमराह किया साथ ही व्यस्त खाकी वर्दी वालों का समय भी बर्बाद किया। फिल्म हेराफेरी की तरह आरोपियों ने खूब पुलिस को छकाया, लेकिन उन्हें नहीं मालूम था कि कानून के शिकंजे से कोई बच नहीं सकता। इंस्पेक्टर गोसाईगंज डीके सिंह की टीम ने झूठी सूचना देने वालों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया।
बताते चलें कि गोसाईगंज क्षेत्र स्थित देहरामऊ गांव निवासी राधेलाल, उपरोक्त निवासी विपत्ति, बीरमपुर गांव निवासी विपिन, गोसाईगंज क्षेत्र स्थित बीरमपुर गांव निवासी गोविंद, उपरोक्त निवासी शंभु व गोसाईगंज क्षेत्र के सुरियामऊ गांव निवासी राजकुमार ने झूठी कहानी गढ़कर खूब पुलिस को छकाया। कभी मुख्यमंत्री पोर्टल (जनसुनवाई) तो कभी पुलिस को लूट पाट होने की खबर दी। इस सूचना पर पुलिस हरकत में आकर मौके पर पहुंचती तो सूचना देने वाले भाग निकलते थे। मानो गोसाईगंज पुलिस कई दिनों तक इनकी झूठी कहानी के पीछे-पीछे दौड़ती रही, कहावत नहीं बल्कि हकीकत है अपराधी अपराध करता है, लेकिन मौका-ए-वारदात पर कुछ न कुछ सबूत जरूर छोड़ जाता है।
इंस्पेक्टर गोसाईगंज डीके सिंह के मुताबिक मामले की गहनता से छानबीन की गई तो सच सामने आ गया। उन्होंने बताया कि दो लोगों द्वारा बार-बार मुख्यमंत्री पोर्टल पर गलत सूचना दर्ज कराया जा रहा था। पुलिस ने जांच-पड़ताल की तो पता चला कि दुकान पर दाल खरीदने को लेकर हुई मामूली कहासुनी के बाद एक-दूसरे को फंसाने की साज़िश रचा। इंस्पेक्टर के मुताबिक 24 दिसंबर 2025 को आरोपी आरोपी विपिन सूचना देकर बताया कि उसके मित्र गोविंद व शंभु ने लूटपाट की है। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि तीनों आरोपी एक ही गांव के निवासी हैं और शराब के नशे में धूत होकर पुलिस को झूठी सूचना दी। एक आरोपी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर जमीन की कब्जेदारी को लेकर सूचना दर्ज करा दिया। मामला मुख्यमंत्री पोर्टल का होने पर पुलिस सक्रिय हुई और गहनता से छानबीन की तो पता चला सबकुछ झूठ है। पुलिस के हत्थे चढ़े सभी आरोपियों ने शातिराना दिमाग लगाया, लेकिन पुलिस की जांच-पड़ताल के बाद सभी झूठे आरोपी पहुंच गए सलाखों के पीछे।
