- लखनऊ व्यापार मंडल ने किया नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन
लखनऊ। लखनऊ व्यापार मण्डल के तत्वावधान में नगर-निगम के प्रस्तावित नये ट्रेडों पर लाइसेंस शुल्क लगाए जाने के विरोध में शनिवार को नगर-निगम मुख्यालय, लालबाग में एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए लखनऊ व्यापार मण्डल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि व्यापारी वर्ग पहले से ही अत्यधिक कमर्शियल टैक्स का भार वहन कर रहा है। दुकानों पर हाउस टैक्स अदा करने के साथ-साथ, जल एवं सीवर की सुविधा उपलब्ध न होने के बावजूद, व्यापारियों से अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत जल एवं सीवर टैक्स भी वसूला जा रहा है, जबकि इसके बदले किसी भी प्रकार की बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों—अमीनाबाद, रकाबगंज पुल से सब्जी मंडी मार्ग, आलमबाग, बुद्धेश्वर, बालागंज, नक्खास, अकबरी गेट सहित अनेक बाजारों में अतिक्रमण, अव्यवस्थित यातायात, पार्किंग की कमी, गंदगी तथा पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। ऐसी परिस्थितियों में नए लाइसेंस शुल्क लगाना पूर्णतः अन्यायपूर्ण, अव्यावहारिक एवं व्यापारी विरोधी कदम है। मिश्र ने बताया कि इससे पूर्व 5 सितम्बर 2024 को नगर-निगम द्वारा 21 नए ट्रेडों पर लाइसेंस शुल्क लगाए जाने का प्रस्ताव लाया गया था, जिसे सांसद राजनाथ सिंह एवं दिनेश शर्मा के हस्तक्षेप के उपरांत 13 सितम्बर 2024 को नगर-निगम की कार्यकारिणी द्वारा निरस्त कर दिया गया था। जब एक बार कार्यकारिणी द्वारा प्रस्ताव निरस्त किया जा चुका है, तो उसे पुनः लाया जाना अधिकारियों की हठधर्मिता एवं व्यापारी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
गौर करने की है की जब नगर निगम की बैठक में सदन से पारित हुआ उसको पुनः लागू करने का प्रस्ताव लाना वह भी बिना मेयर और कार्यकारिणी के सज्ञान में लाए हुए ये जनप्रतिनिधि और जनता को धोखा देने वाली बात है। पदाधिकारियों ने कहा कि जब व्यापारी जल एवं सीवर सुविधाओं का उपयोग ही नहीं करता, तो उससे यह कर वसूलना पूरी तरह अनुचित है। सरकार को अधिनियम में संशोधन कर इस विसंगति को दूर करना चाहिए। व्यापारी वर्ग पहले ही महँगाई, ऑनलाइन ट्रेडिंग और घटती बिक्री से जूझ रहा है, ऐसे में नगर-निगम का यह निर्णय बचे-खुचे व्यापार को समाप्त करने का प्रयास है।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि नगर-निगम द्वारा यह प्रस्ताव शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो व्यापारी समाज शहरव्यापी एवं उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। महापौर सुषमा खर्कवाल ने धरना स्थल पहुँचकर व्यापारियों की समस्याएँ सुनीं। इस अवसर पर अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र द्वारा ज्ञापन पढ़कर सुनाया गया। महापौर ने व्यापारी समाज एवं लखनऊ व्यापार मण्डल को आश्वस्त किया कि कोई भी नया लाइसेंस शुल्क लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर अधिकारियों द्वारा पार्टी को बदनाम करने की साजिश थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी तथा आपात बैठक बुलाकर उक्त शुल्क को हमेशा के लिये समाप्त किया जाएगा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में व्यापारियों का किसी प्रकार का उत्पीड़न न हो। इस आश्वासन पर उपस्थित व्यापारियों ने तालियाँ बजाकर स्वागत किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
