बांग्लादेश में हिंदुओं को जिंदा जलाया जा रहा, क्या कर रही है सरकार और मानव अधिकार संस्थाएं?

प्रशांत प. सूर्यवंशी

बांग्लादेश में जारी हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बीच कट्टरपंथ का एक खौफनाक मामला सामने आया है। भारत विरोधी प्रदर्शनों के बीच बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और उसे पेड़ में बांधकर आग लगा दी गई। गौरतलब है कि बांग्लादेश के मयमनसिंह में इस्लाम का अपमान करने के आरोप में एक हिंदू व्यक्ति की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। त्या के वक्त प्रदर्शनकारी ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगा रहे थे। बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने 30 साल के दीपू चंद्र दास के शव को आग लगा दी। बताते चलें कि बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या तब हुई है, जब जुलाई विद्रोह के एक प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शन चल रहा है।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर क्यों हो रहे हैं हमला

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले की सबसे बड़ी वजह है कट्टरपंथ। वहां अभी राजनीतिक अस्थिरता है, अंतरिम सरकार बहुत ही कमजोर है, जिसकी वजह से प्रशासन मुस्तैद नहीं है। इसका प्रभाव सीधे तौर पर अल्पसंख्यकों पर पड़ रह है और इस्लामिक कट्टरपंथी लोग हिंदुओं पर आक्रमण कर रहे हैं। उनकी यह सोच है कि हिंदू, भारत समर्थक विचारधारा के हैं, जो उनकी राष्ट्रवादी और इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा के विपरीत है। कट्टरपंथी इस्लामिक सोच की राजनीतिक पार्टी जमात ए इस्लामी बांग्लादेश को एक इस्लामिक कंट्री के रूप में देखती है और यहां के हिंदुओं को बाहरी मानती है। कि देश में जो हिंदू हैं, वो भारत के समर्थक हैं। इसी सोच के लोगों ने बांग्लादेशी हिंदुओं का जीना हराम कर रखा है।

ये भी पढ़े

हजारों करोड़ के कोडीन रैकेट पर सियासी संग्राम, योगी बनाम अखिलेश की शायरी वार

बांग्लादेश में हिंदुओं के प्रति लोगों की सोच: एक विभाजित समाज

बांग्लादेश में हिंदुओं को लेकर वहां के लोग दो खेमों में बंटे हैं। एक सोच के समर्थक हिंदुओं को अपने देश का मानते हैं और यह भी मानते हैं कि संविधान ने सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार दिया है, जबकि दूसरी सोच इसके विपरीत है। विपरीत सोच वाले लोग हिंदुओं पर हमले करते हैं, उन्हें देश से निकालना चाहते हैं। बांग्लादेश में एक हिंदू दीपू चंद्र दास भालुका की मॉब लिंचिंग पर बांग्लादेश की प्रतिष्ठित लेखिका तस्लीमा नसरीन ने एक्स पर आज एक पोस्ट लिखा है और बताया है कि किस प्रकार दीपू चंद्र दास की लिंचिंग में जेहादियों की अहम भूमिका है। तस्लीमा नसरीन ने लिखा है कि पैगंबर की निंदा के नाम पर जिहादियों ने एक बेकसूर की जान ली है। वो सवाल पूछ रही हैं कि अब दीपू चंद्र का परिवार क्या करेगा, क्योंकि दीपू अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ व्यक्ति था? क्या सरकार उनके लिए कुछ करेगी।

ये भी पढ़े

SIR अपडेट से बदल सकता है यूपी का चुनावी नक्शा

बांग्लादेश में हिंदुओं की गिरती आबादी और कट्टरपंथ का साया

बांग्लादेश की मशहूर लेखिका तस्लीमा नसरीन लंबे समय से अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं। उनकी किताब ‘लज्जा’ (1993) में 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों का जिक्र है, जो दिखाता है कि राजनीतिक घटनाओं के नाम पर अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना नई बात नहीं। तस्लीमा के अनुसार, बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी वाले देश में राजनीतिक दल वोट बैंक के लिए ऐसे हमलों को अक्सर नजरअंदाज करते हैं, जिससे कट्टरपंथ को बढ़ावा मिलता है। स्वतंत्रता के समय बांग्लादेश (तत्कालीन पूर्वी बंगाल) में हिंदू आबादी करीब 28-30% थी, जो अब घटकर मात्र 7.95% (2022 जनगणना) रह गई है। दशकों से जारी उत्पीड़न, संपत्ति कब्जा और हिंसा ने लाखों हिंदुओं को भारत पलायन करने पर मजबूर किया। शुरू में बांग्लादेश धर्मनिरपेक्ष देश था, लेकिन 1977 में जिया उर रहमान ने सेक्युलरिज्म हटाया और 1988 में जनरल एरशाद ने इस्लाम को राज्य धर्म घोषित किया। संविधान में ‘बिस्मिल्लाह-उर-रहमान-उर-रहीम’ जोड़कर इस्लामी प्रभाव बढ़ाया गया। शासकों ने सत्ता टिकाने के लिए मदरसों को बढ़ावा दिया, जहां युवाओं का ब्रेनवॉश हुआ, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह कि हिंदू आज भी डर के साए में जीते हैं। तस्लीमा कहती हैं कि जिहादी ताकतें बढ़ रही हैं, और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जरूरी है।

homeslider Sports

इंग्लैंड को बड़ा झटका: कप्तान बेन स्टोक्स दो महीने तक क्रिकेट से बाहर

नेट्स में लगी खतरनाक चोट, गाल की हड्डी टूटी-मई से पहले मैदान पर वापसी मुश्किल इंग्लैंड क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स गंभीर चोट के कारण करीब दो महीने तक क्रिकेट से दूर रहेंगे। हाल ही में एक नेट्स सेशन के दौरान उन्हें चेहरे पर तेज गेंद लगी, […]

Read More
homeslider International National

ट्रंप-मोदी फोन कॉल में ‘मस्क एंगल’ पर विवाद, विदेश मंत्रालय ने किया साफ इनकार

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हाल ही में हुई फोन बातचीत को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दी न्यू यौर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस अहम बातचीत में दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क भी शामिल थे। हालांकि, भारत सरकार […]

Read More
homeslider International

खाड़ी में युद्ध तेज: 3500 अमेरिकी सैनिक तैनात, सऊदी में US विमान तबाह, दुबई-तेल अवीव में हमले

नया लुक डेस्क ईरान के साथ जारी संघर्ष का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। 28 मार्च को युद्ध का 29वां दिन रहा, जहां एक तरफ अमेरिका बातचीत का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर खाड़ी क्षेत्र में हमले और जवाबी कार्रवाई तेज हो गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमान के मुताबिक, USS Tripoli (LHA-7) […]

Read More