- दुर्गा पूजा के दौरान दिया था घटना को अंजाम
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। बहराइच जिले में बीते साल 13 अक्टूबर 2024 को हिंसा के दौरान रामगोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या करने वाले हत्यारोपी सरफराज को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। दी गई है। साथ ही उसकी मदद करने वाले सरफराज के पिता अब्दुल हमीद, दो भाई- फहीम और तालिब सहित नौ को उम्रकैद की सजा मिली है। बताया जा रहा है कि इससे पहले कड़ी सुरक्षा में सभी दोषियों को जेल से अदालत लाया गया। कोर्ट ने बारी-बारी से सभी आरोपियों के खिलाफ सजा सुनाई। रामगोपाल मिश्रा की पत्नी रोली और दोषियों के परिजन अदालत पहुंचे थे। एक बच्ची रोती नजर आई। अपराधियों के घरों के बाहर फोर्स तैनात किया गया है।
बहराइच जिले के अपर सत्र न्यायाधीश (ADJ) की कोर्ट ने 13 महीने 28 दिन में गुरुवार को फैसला सुनाया है। दो दिन पहले ही अदालत ने 13 अभियुक्तों में से 10 को मॉब लिंचिंग समेत कई धाराओं में दोषी करार दिया था। अदालत ने तीन आरोपियों खुर्शीद, शकील और अफजल को बरी कर दिया है। सनद रहे कि बहराइच जिले के महराजगंज बाजार में 13 अक्टूबर, 2024 को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हिंसा हुई थी। इसी दौरान राम गोपाल मिश्रा सरफराज के घर की छत पर चढ़ गया था। उसने वहां लगे इस्लामिक हरे झंडे को उतारकर फेंक दिया था। फिर भगवा झंडा फहराया था। इसपर सरफराज ने पहले सीने पर गोली मारी, फिर उसके साथियों ने पीट-पीटकर हत्या कर मौत की नींद सुला दिया था।
