यूपी भाजपा अध्यक्ष को लेकर मंडी गरम!

BJP

मनोज श्रीवास्तव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को लेकर मंडी गरम हो गयी है। दिल्ली-लखनऊ का दांव-पेंच सतह पर आ गया है। दो दिन पूर्व यूपी के 14 जिला/महानगर इकाइयों के गठन में दागियों की छुट्टी और 5 पुराने समेत 9 नये चेहरों पर सेहरा बांधा गया है। सबसे विवादित और यूपी भाजपा का मार्केटिंग स्वरूप निखारने वाले बलशाली नेता का कृपा पात्र रहे फतेहपुर के जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल की छुट्टी कर दी गयी। बचे 14 इकाइयों की नियुक्ति नये प्रदेश अध्यक्ष के लिये छोड़ दिया गया है। देश की सबसे ज्यादा लोकसभा सीट वाले प्रदेश पर 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं पर भाजपा की पकड़ कमजोर पड़ी है।चुनाव आयोग ने एसआईआर लागू कर भाजपा की राह भले आसान कर दिया है लेकिन जनता में पार्टी के घटते जनाधार ने पार्टी रणनीतिकारों की नींद उड़ा दिया है।

यहां भाजपा को उस वर्ग को किस वर्ग का प्रतिनिधि बड़े वोट बैंक में सेंधमारी करेगा उसका मूल्यांकन उसके चयन पर मुहर लगायेगा।नये अध्यक्ष के मुद्दे पर उपेक्षित को मुख्य धारा में लाने को सतत प्रयत्नशील मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सबका साथ, सबका विकास, सबका विस्वास का मंत्र लेकर अपराजेय बने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एकमत हैं। यूपी के प्रदेश अध्यक्ष के चयन में ढुलमुल साबित हुआ केंद्रीय नेतृत्व इस प्रश्न को लेकर आज भी निरुत्तर है।इसके कारण बहुत बड़ी संख्या में हर दिन नये प्रदेश अध्यक्ष की राह देख रहे कार्यकर्ताओं के ऊर्जा का ह्रास हो रहा है।टीम गुजरात अमूमन हर प्रदेश में बाहरियों को तरजीह देती है जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और स्थाई इकाई मूल कार्यकर्त्ताओं को नेतृत्व देने का पक्षधर होते हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली विजय के लिये उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में यूपी के सैकड़ों नेताओं को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रताप नड्डा के आवास पर सम्मानित किया गया। जानकारों की मानें तो यह सम्मान 2027 के विधानसभा चुनाव के पूर्व 2024 में मिली हताश से उबारने के लिये किया गया है। उत्तर प्रदेश में जिले से लेकर प्रदेश तक वर्षों से जड़े जमाये कंपनी मोड के कार्यकर्ताओं के साथ सामंजस्य बिठाना अगले प्रदेश अध्यक्ष की सबसे बड़ी चुनौती होगी। वह मोबाइल से संदेश देकर वर्चुअल का इतना आदी बन गया है कि धरातल पर ऐक्चुअल से उसका सरोकार ही नहीं रह गया। मेकैनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ते समय ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आकर प्रचारक बने यूपी के नये महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह सोशल इंजीनियरिंग को भी धरातल पर उतारने के महारथी माने जाते हैं।

इसी लिये बाबुन्नमुखी हो चुकी भाजपा में वह फिर सर्वस्पर्शी नेतृत्व गढ़ने पर जोर दे रहे हैं। उनके ऐसा करने से कमर्शियल कल्चर में दक्ष स्काइलैब नेता स्वतः संगठन के अभियानों से आउट हो जा रहे हैं। भाजपा पर दबदबा रखने वाले टीम गुजरात के लोग ऐसा प्रदेश अध्यक्ष चाहते हैं जो वक्त आने पर उनके हित में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दो-दो हाथ कर सके। पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारकों की मजबूत समन्वय और नीचे तक कि उनकी सांगठनिक ब्यूह रचना ने टीम गुजरात के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। कानून व्यवस्था को लेकर बुल्डोजर ने योगी की कठोर प्रशानिक छवि का निर्माण किया तो बिना भेद-भाव के अंतिम व्यक्ति, स्थान व समाज के विकास मॉडल का क्रियान्वयन उन्हें प्रगति का पुरोधा साबित किया है।

देश के अधिकांश चैनलों व बहुप्रसारित अखबारों के माध्यम से टीम गुजरात यह नरेटिव गढ़ने की कोशिश करता है कि जीत हुई तो श्रेय टीम गुजरात को मिले, पराजय हो तो स्थानीय नेतृत्व की खामियों पर प्रायोजित खबरों की झड़ी लगवा देता है। हाल में सम्पन्न हुये बिहार विधानसभा चुनाव की सफलता का श्रेय कई दिन तक गृहमंत्री अमितशाह को दिया गया, जबकि 2024 में खराब टिकट वितरण कर यूपी हरवाने वाले नेता को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घेरेबंदी करवाने में कोई कोर-कसर नहीं रखा गया। हिमांचल, कर्नाटक, झारखंड में हार का ठीकरा स्थानीय नेताओं पर थोपने वाले समीक्षक हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और बिहार की जीत का श्रेय टीम गुजरात को देते हुये उनकी सफलता का कई-कई दिन तक कसीदा पढ़ते रह जाते हैं। टीम गुजरात से कार्यकताओं में उतनी नाराजगी नहीं है जितनी उनके नाम पर बाहरी नेताओं को चमकाने और अपनों को नीचा दिखाने वाले एजेंटों से है। प्रदेशवार कोई न कोई एजेंट अपने अनुसार नेतृत्व को हांकता हैं। वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीत का अंतर घटने के बाद भले ही वाराणसी में भाजपा के केंद्रीय रिशिवरों की संख्या बढ़ा दी गयी है।

लेकिन काशी की जनता को योगी फार्मूले से ही समाधान मिल रहा है। यूपी में भाजपा अध्यक्ष यदि टीम गुजरात द्वारा थोपा गया तो नीचे तक सांगठनिक ताने-बाने की गतिविधियों पर प्रभाव प्रभाव पड़ेगा। एक तरफ केंद्रीय अभियानों को दिन-रात जूझ कर संगठन में बूथ तक, समाज में धरातल तक लगातार पहुंचाने में सफलता का झंडा गाड़ने वाली टीम उत्साहित है। तो दूसरी ओर असमंजस से जूझ रहे प्रदेश अध्यक्ष के तेजहीन सिपहसालारों के बीच छिड़े आपसी द्वंद ने पार्टी के विस्तार की रफ्तार में बाधक बन गया है। ऐसे में इससे उबरने के लिये प्रदेश स्तर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सुझाव को टालना भारी पड़ेगा।

Spread the love

Today's Horoscope
Astrology homeslider

जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का आज का भविष्यफल

Today’s Horoscope आज का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर और खुशखबरी लेकर आया है। कुछ लोगों को करियर और कारोबार में सफलता मिलेगी, जबकि कुछ को स्वास्थ्य, खर्च और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत होगी। जानिए सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल। मेष : व्यापारिक नई योजनाओं का प्रारंभ होगा। बड़े […]

Spread the love
Read More
brake up
homeslider National

अब प्यार इश्क और मोहब्बत समझने वालों को भी मिलेगा तीन लाख तक का बड़ा सैलरी पैकेज

brake up  अगर आप अपने पार्टनर से रिश्ता खत्म करना चाहते हैं लेकिन सामने बैठकर “ब्रेकअप” कहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, तो अब इसका भी “प्रोफेशनल समाधान” बाजार में आ गया है। एक डेटिंग प्लेटफॉर्म ने ऐसी नौकरी निकाली है, जिसमें किसी और की तरफ से ब्रेकअप की बात कही जाएगी और […]

Spread the love
Read More
8th Pay Commission
Business homeslider

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! जुलाई में होंगी अहम बैठकें…जानिए कब बढ़ेगी सैलरी

8th Pay Commission केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से बड़ी उम्मीदें हैं। हर कोई यह जानना चाहता है कि नया वेतनमान कब लागू होगा, फिटमेंट फैक्टर कितना रहेगा और सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी। इसी बीच आयोग ने अपनी प्रक्रिया तेज करते हुए कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स […]

Spread the love
Read More