#Karna and Mahabharata
Analysis
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Raj Dharm UP
कर्ण द्वापर में ही नहीं कलयुग में भी होते हैं, कभी कुंती के हिस्से, कभी मुलायम के हिस्से
दयानंद पांडेय कर्ण द्वापर में ही नहीं , कलयुग में भी होते हैं। कभी कुंती के हिस्से , कभी मुलायम सिंह यादव के हिस्से। द्वापर में भी कर्ण की स्वीकार्यता नहीं थी , कलयुग में भी नहीं है। शायद कभी नहीं होगी। कर्ण सर्वदा से शापित है। रहेगा। परशुराम से लगायत धरती तक के शाप […]
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