लखनऊ: सीएम योगी का ‘जनता दर्शन’–शिकायतें सुनीं, बच्चों से की मुलाकात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह एक बार फिर अपनी दिनचर्या की शुरुआत जनता के दरबार से की। गोरखपुर हाउस में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सीएम योगी ने हर शिकायत को धैर्य से सुना, आवेदन पत्र लिए और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

इस दौरान एक महिला जमीन कब्जे की शिकायत लेकर रोने लगी। सीएम ने उसे सांत्वना दी और डीएम-एसएसपी को फोन पर तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया। कई बच्चों ने भी अपनी-अपनी समस्याएं बताईं। योगी ने उन्हें गोद में उठाया, सिर पर हाथ फेरा और पढ़ाई-लिखाई के लिए प्रेरित किया। बच्चों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “तुम देश का भविष्य हो। पढ़ोगे-लिखोगे तो प्रदेश और देश को मजबूत बनाओगे।”

इससे पहले रविवार को सीएम योगी हरियाणा के झज्जर स्थित सिद्ध बाबा पालनाथ आश्रम में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव और आत्मा भंडारे में शामिल हुए। वहां उन्होंने नाथ सम्प्रदाय की महत्ता बताते हुए कहा कि सनातन संस्कृति कैलाश से कन्याकुमारी तक भारत की आत्मा है। इसी दिन शाम को संभल जिले के दौरे पर पहुंचे योगी ने अधिकारियों के साथ मैराथन समीक्षा बैठक की।

संभल में सीएम ने चरणबद्ध विकास की रूपरेखा तैयार की। पहले चरण में प्राचीन कुओं, तीर्थ स्थलों और कल्कि धाम के जीर्णोद्धार पर जोर दिया गया। दूसरे चरण में संग्रहालय, लाइट एंड साउंड शो और पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने के निर्देश दिए। जिला न्यायालय, जेल और पीएसी बटालियन की नई इकाई के निर्माण को जल्द पूरा करने को कहा। कानून-व्यवस्था पर सख्ती दिखाते हुए सीएम ने कहा, “संभल अब शांति और विकास का प्रतीक बनेगा। कोई उपद्रवी माहौल खराब नहीं कर पाएगा।”

जनता दर्शन में मौजूद लोगों ने बताया कि सीएम योगी बिना थके लगातार 4-5 घंटे तक शिकायतें सुनते हैं। एक बुजुर्ग ने कहा, “ऐसा मुख्यमंत्री पहली बार देखा जो इतनी बारीकी से हर छोटी-बड़ी समस्या सुनता है।” योगी सरकार का यह जनता दर्शन कार्यक्रम अब प्रदेश की पहचान बन चुका है, जहां सीधे मुख्यमंत्री के सामने फरियादी अपनी बात रख पाते हैं और तुरंत समाधान की उम्मीद करते हैं।

Analysis homeslider National

इच्छा मृत्यु पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला जीवन गरिमा और कानून के बीच गहरी बहस

भारत में जीवन के अधिकार को संविधान का सबसे महत्वपूर्ण अधिकार माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह बहस भी तेज हुई है कि क्या किसी व्यक्ति को गरिमा के साथ मरने का अधिकार भी होना चाहिए। गाजियाबाद के 31 वर्षीय हरीश राणा को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पैसिव इच्छामृत्यु की अनुमति दिए जाने […]

Read More
Analysis homeslider Raj Dharm UP

कांशीराम की विरासत पर सभी दलों की नजर, यूपी की राजनीति बदलने की होड़

उत्तर प्रदेश की राजनीति में कई प्रतीक ऐसे रहे हैं जिनकी विरासत समय-समय पर नई सियासी व्याख्या के साथ सामने आती है। बहुजन आंदोलन के प्रणेता कांशीराम भी ऐसे ही नेता हैं। 15 मार्च को उनकी जयंती हर साल बसपा मनाती रही है, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग है। कांग्रेस से लेकर समाजवादी पार्टी […]

Read More
Analysis homeslider

पश्चिम एशिया युद्ध के बीच भारत की रसोई गैस सुरक्षा पर बड़ा संकट

पश्चिम एशिया में भड़का युद्ध अब केवल भू-राजनीति का सवाल नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे भारत की रसोई और अर्थव्यवस्था तक पहुंच चुका है। अमेरिका-ईरान संघर्ष और उसके बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पैदा हुई अस्थिरता ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। इसी खतरे को देखते हुए […]

Read More