देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर पूरे राज्य में संचालित ऑपरेशन कालनेमि के तहत देहरादून पुलिस अवैध रूप से रह रहे व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार सघन कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में कोतवाली पटेलनगर पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। यह दोनों पहचान छिपाकर यहां रह रहे थे। दोनों ने पहचान छिपाकर स्थानीय युवकों से शादी भी कर ली और फर्जी दस्तावेज भी बनवा लिए पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध नागरिकों में हड़कम्प मचा हुआ है।
पहले प्रकरण में पुलिस को देहराखास क्षेत्र में एक संदिग्ध महिला की सूचना मिली, जिसके आधार पर पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना वास्तविक नाम बबली खातून पत्नी मोहम्मद मुनजु, निवासी गायबंदा, बांग्लादेश बताया। उसके पास से भूमि शर्मा नाम से बनाए गए फर्जी आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, आयुष्मान कार्ड तथा बबली बेगम नाम से एक बांग्लादेशी आईडी बरामद हुई। जांच में सामने आया कि बबली खातून कोविड काल के दौरान अवैध रूप से भारत में घुस आई थी और वर्ष 2021 में देहरादून पहुंची। वर्ष 2022 में उसने नाम बदलकर एक स्थानीय युवक से विवाह किया और इसी पहचान के आधार पर विभिन्न फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार करवा लिए पुलिस ने उसके विरुद्ध धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा तथा विदेशी अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद करने वाले अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।
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दूसरे मामले में कारगी रोड, कालिंदा विहार फेज दो से एक अन्य महिला को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम बॉबी खातून निवासी बोगुरा, बांग्लादेश बताया. उसके पास से बांग्लादेशी पासपोर्ट की छायाप्रति मिली। उसने बताया कि वह वर्ष 2023 में चोरी-छिपे भारत आई थी और देहरादून में मजदूरी कर जीवनयापन कर रही थी। संबंधित महिला को नियमों के अनुसार जल्द ही बांग्लादेश डिपोर्ट किया जाएगा।
