रंजन कुमार सिंह
यूनिकॉर्न रिलेशनशिप, जहां एक कपल (जोड़े) एक तीसरे व्यक्ति को अपने रिश्ते में, आमतौर पर यौन संबंधों के लिए शामिल करने की अनुमति देते हैं, इस तीसरे व्यक्ति को “यूनिकॉर्न” कहा जाता है। साफ शब्दों में ऐसे समझिए कि कोई अपनी पत्नी संग हम बिस्तर होने के लिए किसी मित्र को भी आमंत्रित कर लिया है। अब दोनों भाई मिलकर भाभी को संतुष्ट करेंगे।
क्या इसे भी महिला सशक्तिकरण की तरफ बढ़ता हुआ कदम माना जाए..?
उम्मीद है कि बहुत जल्दी इसके लिए भी कानून बन जाएगा! वैसे भी महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की आड़ में तमाम ऐसे कानून बने हुए हैं जिनकी मदद से महिलाओं को वेश्यावृत्ति की ओर अग्रसर किया जा रहा है। क्योंकि, मां बाप की इच्छा के विरुद्ध किसी लड़के संग लिव इन रिलेशनशिप में रहना अपराध नहीं। देह व्यापार करना अपराध नहीं। विवाह के बाद भी अन्य पुरूषों से शारीरिक संबंध बनाना अपराध नहीं।
तो फिर अपराध क्या है..?
क्या लड़कों का शादी करना…! यूनिकॉर्न रिलेशनशिप के नाम पर स्त्रियां अपने ब्वायफ्रेंड को अपने घर बुलाएंगी और पति देव टार्च दिखाएंगे। इससे पहले समाज गर्त में धकेल दिया जाए, पुरुष आयोग के गठन पर भी थोड़ा विचार कर लीजिए, और यदि खुद किसी कपल का यूनिकार्न बनने की सोच रहे हैं तो ध्यान रहे नई पीढ़ी के दामाद या जीजू भी ऐसी फैंटेसी वाले न मिल जाएं! विचार जरूर करिएगा।
