लखनऊ। लखनऊ में 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों की नाराजगी और गुस्सा आंदोलन की शक्ल ले चुका है पर शासन-प्रशासन बेपरवाह लगता है। हजारों शिक्षकों ने आज सवेरे बसपा प्रमुख मायावती का आवास घेर लिया। प्रदर्शनकारियों आवास के बाहर जमकर नारेबाजी कर रहे हैं । प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों में तीखी नोकझोंक भी हुई। प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। काफी हंगामे के बाद इसके बाद चार लोगों के प्रतिनिधिमंडल को अंदर बातचीत के लिए भेजा गया है और उनकी बसपा सुप्रीमों से बातचीत चल रही है। शनिवार को आंदोलित शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का आवास घेरा था और प्रदर्शन किया था। इस दौरान हजारों अभ्यर्थी ‘योगी बाबा न्याय करो’ और ‘सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करो’ जैसे नारे लगा रहे थे।
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प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार की लचर पैरवी और विलंबित कार्रवाई के कारण आज तक उनकी नियुक्ति नहीं हो पाई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें जब-जब चुनावों महज आश्वासन ही मिला और चुनाव बाद सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है। वर्तमान बीजेपी सरकार ने पहले भर्ती निकालते समय आरक्षण का पालन नहीं किया था, जिससे लगभग 19 हज़ार आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार पिछड़ गए। इस भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों के उल्लंघन का मामला सामने है। आरक्षण में इसी भेदभाव को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी कई महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले भी वे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास पर विरोध जता चुके हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हटाकर वापस ईको गार्डन भेज दिया।
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इसी बीच रविवार को प्रदर्शनकारियों ने बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमों मायावती का आवास घेर दिया। मायावती के आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी किया। इस दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों में तीखी नोकझोंक हुई। आंदोलित प्रदर्शनकारी किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं थे। हालात बेकाबू होते देख प्रशासन ने चार लोगों के प्रतिनिधिमंडल को अंदर भेज कर वार्ता करने की बात हो रही है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश सरकार की लचर पैरवी की वजह से उन्हें नियुक्ति नहीं मिल पा रही। पिछले 5 वर्षों से रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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आगामी 28 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि इस दिन सरकार की तरफ से मजबूत पैरवी हो और पक्ष में निर्णय आए। एक अभ्यर्थी विवेक कहते हैं कि पांच साल से मैं रोज़ लखनऊ आकर मांग कर रहा हूं। महीने भर-महीने बैठे, बारिश हो या गर्मी, हमारी नौकरी का सपना बना हुआ है। लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं। हम न्याय की उम्मीद रखते हैं। एक अन्य उम्मीदवार, विजय यादव ने कहा कि अगर हाई कोर्ट का आदेश लागू नहीं हुआ तो रोज़ हम मंत्री आवास के बाहर धरना देंगे। हम घर-घर जाएंगे, गिर्दो भूख-हड़ताल तक करेंगे, जब तक हमारी आवाज सुनी नहीं जाती।

