ए अहमद सौदागर
लखनऊ। बहराइच जिले की एक विशेष पॉक्सो यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण कोर्ट ने छह वर्षीय मासूम बच्ची को अगवा कर उससे दरिंदगी करने के जुर्म में एक युवक को सोमवार को अदालत उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही एक लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। दोषी अविनाश पाण्डेय खिलाफ के चार रेप के मामले दर्ज हैं। इनमें से एक मामले में इसी अदालत ने उसे बीते 24 सितंबर को भी उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गा प्रसाद तिवारी ने मंगलवार को बताया कि सुजौली क्षेत्र के एक गांव की छह वर्षीय बच्ची 15 जून 2025 की शाम करीब चार बजे अपने घर में खेल रही थी तभी उसे कोई अज्ञात शख्स उठाकर अगवा कर ले गया। काफी तलाश के बाद वह देर रात गांव के बाहर गन्ने के खेत के बाहर मिली। बच्ची ने घर पहुंच कर अपने साथ हुए शारीरिक शोषण की बात बताई।
बच्ची के पिता की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। उन्होंने बताया कि सुजौली क्षेत्र से 25 व 28 जून और तीन जुलाई 2025 को नाबालिग लड़कियां एक ही तरीके से गायब होने के बाद बरामद की गई थीं। सभी लड़कियों की उम्र पांच से आठ साल के बीच थी। वे अपने साथ हुई घटना के बारे में ज्यादा कुछ बता नहीं पा रही थीं। बताया जा रहा है कि कि मिहींपुरवा की पुलिस क्षेत्राधिकारी हर्षिता तिवारी ने संवेदनशीलता के साथ मनोवैज्ञानिक तरीका अपनाकर बच्चियों से मालूम किया कि उन्हें ले जाने वाला करीब 30 साल का व्यक्ति, शराब का आदी है और उसके हाथ पर टैटू बना है। शारीरिक शोषण के बाद वह बच्चियों को टॉफियां, खाने की चीजें या नए कपड़े देता था।
पुलिस के मुताबिक हुलिए के आधार पर पुलिस ने तीन दिन के भीतर सुजौली थाना अंतर्गत सुजौली गांव निवासी अविनाश पाण्डेय उर्फ सिंपल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को उसके फोन से नाबालिग लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीरें मिलीं। तिवारी ने बताया कि अभियोजन पक्ष की टीम ने अगस्त माह में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। सिर्फ 22 दिनों में सुनवाई पूरी कर विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) दीपकांत मणि ने सोमवार को अभियुक्त अविनाश पाण्डेय उर्फ सिंपल को उम्रकैद की सजा सुनाई तथा एक लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं अदा करने पर दोषी को 16 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस के अनुसार पाण्डेय के खिलाफ एक ही प्रकार के अपराध के चार मामले दर्ज हैं। इनमें से एक मामले में अदालत 24 सितंबर को फैसला सुना चुकी है जबकि दो अन्य मामलों में फैसला आना बाकी है।
