- सिंचाई विभाग में हड़कंप, भुगतान पर रोक
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज। महाव तटबंध के टूटने के बाद स्थानीय विधायक ऋषि त्रिपाठी की कड़ी नाराजगी पर सिंचाई विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। विभाग ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इस हादसे में जिम्मेदार कर्मचारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। महाव नाले के जल स्तर का उच्चतम स्तर 13 फीट तक दर्ज किया गया था, जो नाले के जलस्तर को एक फीट तक ओवरफ्लो करने की स्थिति में ले आया था। सबसे गंभीर स्थिति ग्राम देवघाटी और हरखपूरा के समीप उत्पन्न हुई, जहां पानी ओवरफ्लो होने लगा था। विभागीय अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया से स्थिति को नियंत्रित किया गया। इस घटनाक्रम के बाद, 23 अगस्त को विधायक ऋषि त्रिपाठी ने स्थलीय निरीक्षण किया और कार्यों में निष्पक्षता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तैनात जूनियर इंजीनियर विवेक कुमार शुक्ला और विवेक कुमार भारद्वाज को स्थानांतरित कर दिया। साथ ही मामले की जांच के लिए सहायक अभियंता को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
अधिशासी अभियंता राजीव कपिल ने मीडिया को बताया कि महाव नाले के इस स्थल पर मरम्मत कार्य के लिए ठेकेदार को लगभग 25 लाख रुपये की राशि दी गई थी, लेकिन ठेकेदार द्वारा किए गए कार्यों का भुगतान अब तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। उन्होंने नए तैनात किए गए जूनियर इंजीनियर अमित कुमार, शशांक पांडे और वसीम अहमद से सघन निगरानी और वाचिंग के जरिए नाले पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने की अपेक्षा की है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद विभागीय कार्यों में गुणवत्ता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए निगरानी सख्त कर दी गयी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
