प्रदोष व्रत आज प्रदोष व्रत हर माह शुक्र पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है।

images 14

प्रदोष व्रत हर माह शुक्र पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन लोग भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं। वहीं अगल-अलग दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत की महिमा भी अलग-अलग होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत सभी कष्टों को हरने वाला माना जाता है। इस व्रत का महिमा मंडन शिव पुराण में मिलता है। कहते हैं कि इस दिन पूजा और अभिषेक करने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इसके अलावा जीवन के सभी दुखों छुटकारा मिलता है।
आषाढ़ माह का पहला प्रदोष व्रत कब है?
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 8 जून को सुबह 7 बजकर 17 मिनट पर होगी। वहीं तिथि का समापन अगले दिन यानी 9 जून को सुबह 9 बजकर 35 मिनट पर होगा। ऐसे में जेष्ठ माह का आखिरी प्रदोष व्रत 8 जून को रखा जाएगा। वहीं दिन महादेव की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 18 मिनट से लेकर 9 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। इस दौरान भक्तों को पूजा के लिए कुल 2 घंटे 1 मिनट का समय मिलेगा।
प्रदोष व्रत में क्या नहीं करें?
प्रदोष व्रत के दिन व्रती को नमक के सेवन से बचना चाहिए। साथ ही प्रदोष काल में कुछ भी खाना-पीना नहीं चाहिए।
तामसिक भोजन, मांसाहार और शराब का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहि। साथ ही काले रंग के वस्त्र पहनने से बचना चाहिए।
मन में किसी भी व्यक्ति लिए नकारात्मक विचार नहीं लाने चाहिए। किसी से कोई विवाद नहीं करना चाहिए।
झूठ बोलने और बड़ों का अपमान या अनादर नहीं करना चाहिए।
प्रदोष व्रत में क्या करें?
प्रदोष व्रत के दिन सुबह उठकर स्नान करें। इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
इसके बाद शिव जी का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें।
प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर बेलपत्र, गंगाजल, दूध, दही, शहद चढ़ाएं।
इस दिन शिव प्रतिमा या शिवलिंग को चंदन, रोली और फूलों से सजाएं।
प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक दोनों कर सकते हैं।
प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग के सामने धूप-दीप जलाकर आरती करें।
इस दिन शिव पुराण का पाठ जरूर करें।
प्रदोष व्रत के दिन जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को भोजन और वस्त्र दान करें।
प्रदोष व्रत के दिन फल, कपड़े, अन्न, काले तिल और गौ दान करने से पुण्य फल प्राप्त होता है।
प्रदोष व्रत का महत्व
सनातन धर्म में अजर अमर अविनाशी भगवान शिव को जन्म जन्मांतर के चक्र से मुक्ति देने वाला कहा गया है। उनकी आराधना के लिए हर माह प्रदोष व्रत किया जाता है। कहते हैं कि त्रयोदशी के दिन इस व्रत को करने से शिव धाम की प्राप्ति होती है। जो व्यक्ति नियमित रूप से प्रदोष व्रत रखता है, उसके जीवन की समस्त इच्छाएं पूरी हो जाती हैं और जातक के परिवार के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। कहा जाता है कि शाप मिलने के कारण चंद्रमा को क्षयरोग और दोष हो गया था और उसके भयंकर शारीरिक कष्ट हो रहा था। उसने सच्चे मन से भगवान शिव की आराधनी की और भगवान शिव ने उसके क्षय रोग का निवारण करके त्रयोदशी के दिन स्वस्थ होने का वरदान दिया। प्रदोष व्रत करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति अच्छी होती है और चंद्रमा शुभ फल देता है।
नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल  (9116089175)  करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।
Spread the love

Shiva temple
Religion Tourism

एक हजार से बाण सागर शिवालय में हो रही पूजा

304 साल पहले तक बस्तर राजपरिवार करता रहा पूजा अब केंद्रीय पुरातत्व संरक्षण के अधीन है यह मंदिर हेमंत कश्यप Bastar’s ancient Shiva temple: करीब 1000 साल पहले छिंदक नागवंशी राजाओं द्वारा ग्राम बस्तर में बनवाया गया पुरातन शिव मंदिर बस्तर संभाग के दूसरे सबसे बड़े तालाब बाणसागर के किनारे अवस्थित है। यह मंदिर अपनी […]

Spread the love
Read More
Pathri Shivdham
Religion

बस्तर का सबसे पुराना शिवधाम है पाथरी

यहां जंगल में हर टीला के नीचे मिलते हैं शिवलिंग अब तक हो पाई है सिर्फ नौ टीलों की खुदाई हेमंत कश्यप Pathri Shivdham Bastar: वनांचल बस्तर के पाथरी गांव में सैकड़ों टीले है। जिस टीले की खुदाई की जाती है। एक शिवलिंग जरूर मिलता है। भारत की सबसे विलक्षण और दुर्लभ जलहरी मध्य खड़ी […]

Spread the love
Read More
Sawan Som Pradosh 2026
Religion

सावन के दूसरे सोमवार पर सोम प्रदोष का खास संयोग, जानें शिव पूजा के आसान उपाय

Sawan Som Pradosh 2026 : सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस बार 10 अगस्त 2026 को सावन के दूसरे सोमवार के साथ प्रदोष व्रत का भी संयोग बन रहा है। सोमवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के […]

Spread the love
Read More