सर्वप्रथम जिलाधिकारी द्वारा सौमित्र वन पहुंच कर किए जा रहे कार्यों का जायज़ा लिया गया। नगर निगम के उद्यान अधिकारी द्वारा बताया गया कि सौमित्र वन का निर्माण लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा कराया जा रहा है और इसी के सामने शक्ति वन का निर्माण नगर निगम द्वारा कराया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर श्री महेश वर्मा द्वारा बताया गया कि शक्ति वन के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि लखनऊ विकास प्राधिकरण के सौमित्र वन की भांति शक्ति वन की भी सुरक्षात्मक बाउंड्री/फेंसिंग कराना सुनिश्चित किया जाए एवं वृक्षारोपण हेतु तैयारी समयबद्ध रूप में सुनिश्चित की जाए। युद्धस्तर पर मिट्टी फिलिंग और फेंसिंग का कार्य करवाना सुनिश्चित किया जाए।
उक्त के बाद जिलाधिकारी द्वारा आरआर बधे के पास सिंचाई विभाग द्वारा कुकरैल नदी में डिसिल्टिंग के कार्य का अवलोकन किया गया। अधिशासी अभियंता सिंचाई द्वारा बताया गया कि सौमित्र वन से आर आर बंधे तक स्लज निकलने का कार्य एवं डिसिल्टिंग का कार्य प्रगति पर हैं। निकाले गए स्लज का निस्तारण नगर निगम द्वारा कराया जा रहा है। जिसके सम्बन्ध में जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि उक्त कार्य को बारिश के मौसम से पहले पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।
उक्त के बाद जिलाधिकारी द्वारा खुर्रम नगर बंधा पर नदी की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। अधिशासी अभियंता द्वारा बताया गया कि एरिया में डिसिल्टिंग, स्लज रिमूवल और लेवलिंग का कार्य किया जाना है। जिसके सम्बन्ध में निर्देशित किया गया की बारिश के मौसम से पहले कार्य पूरा करने के लिए संसाधनों, उपकरणों और मैनपवार को बढ़ाना सुनिश्चित किया जाए। उक्त के बाद जिलाधिकारी द्वारा सी मैप पुलिया, कुकरैल बैराज, झरहरा नाला, कुर्सी रोड स्थित पुलिया का भी भ्रमण करते हुए वन विभाग द्वारा कुकरैल पुनर्जीवन के सम्बन्ध में तैयार की गई डी0पी0आर0 के सम्बन्ध में भी निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि प्रस्तावित डी0पी0आर0 में कुकरैल नदी में जल की वार्षिक उपलब्धता सुनिश्चित करने की रूपरेखा समाहित हो। इसके लिए उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई को निर्देशित किया कि शारदा नहर से कुकरैल नदी में छोड़े जाने वाले जल का वार्षिक एवं मासिक ब्यौरा एवं जल प्रवाह की मात्रा सहित प्रभागीय वनाधिकारी, अवध को तत्काल प्रदान किया जाए ताकि इसकी अभिव्यक्ति डी0पी0आर0 में की जा सके। जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया कि अवशेष कार्यों के सम्बन्ध में डी0पी0आर0 को जिला गंगा समिति से अनुमोदित कराकर अग्रतर कार्यवाही हेतु एसएमसीजी को प्रेषित किया जाए।
उक्त निरीक्षण में श्री सितांशु पाण्डेय, प्रभागीय वनाधिकारी/सदस्य सचिव, जिला वृक्षारोपण समिति, लखनऊ, नगर निगम, सिंचाई विभाग, डीसी मनरेगा सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी/प्रतिनिधियों द्वारा भाग लिया गया।
