एटा जेलर को बचाने में जुटे डीआईजी जेल! वायरल वीडियो मामले में कार्रवाई करने के बजाय लगाई अस्थाई ड्यूटी

  • जेलर आवास पर महिला के हंगामे में भी क्लीन चिट देने की तैयारी
  • रुकने का नाम नहीं जेल में खेल की खबरें, जिम्मेदार हो गए हैं चुप

राकेश यादव

लखनऊ। एटा जिला जेल के जेलर पर भ्रष्टाचार और यौन उत्पीड़न का वीडियो वायरल होने और जेल परिसर में जेलर आवास पर महिला के हंगामे के बाद भी जेलर के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। वायरल वीडियो मामले में आरोपी जेलर के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए डीआईजी ने वीडियो वायरल करने वाले वार्डर को ही हटा दिया था। अब जेलर आवास पर हंगामा करने वाली महिला के मामले भी आरोपी जेलर को बचाने को कवायद चल रही है। घटना के एक पखवारे के बाद डीआईजी ने जेलर के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए उसको बचाने में जुटे हैं।

बीती 10 फरवरी को एटा जिला जेल परिसर का एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में एक महिला ने जेल परिसर में स्थित जेलर आवास पर पहुंचकर जमकर हंगामा काटा। वायरल वीडियो में महिला जेलर आवास के दरवाजे को पीट पीट का खोलने की गुहार लगा रही है। महिला का आरोप है कि जेलर ने जीवन बर्बाद कर दिया है। जेलर आवास के सुरक्षा में तैनात वार्डर महिला से हाथ जोड़कर वापस जाने की गुहार लगा रहा। इसके बाद भी महिला दरवाजा पीटने में लगी रही। महिला का आरोप था कि जेलर ने उसका शोषण किया है। मामला सुर्खियों में आने के बाद कानपुर जेल परिक्षेत्र के प्रभारी डीआईजी ने मामले की जांच एटा जेल अधीक्षक को सौंपी गई है। घटना को हुए करीब एक पखवारा बीत चुका है किंतु न तो अभी आरोपी जेल पर कोई कार्रवाई की गई है और न ही न मामले की कोई जांच रिपोर्ट सामने आई है।

इससे पूर्व 11 जनवरी को एटा जेल के वार्डर के वायरल वीडियो में जेलर पर कर्मियों का उत्पीड़न करने और महिलाओं का शोषण करने का आरोप लगाया था। इस मामले की जांच में जेलर को क्लीन चिट देकर वीडियो वायरल करने वाले वार्डर को एटा जेल से हटाकर तीन माह के लिए अस्थाई ड्यूटी पर कांसगंज जिला जेल भेज दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि कानपुर परिक्षेत्र के डीआईजी वायरल वीडियो पर ही कार्रवाई की तरह महिला के जेलर आवास पर हंगामा की घटना के मामले में भी आरोपी जेलर को बचाने में जुट हुए है। पूर्व हुए मामले की तरह वह इस मामले में भी जेलर को क्लीन चिट देकर बचाए जाने चर्चा है। उधर इस मामले में जब एटा जेल अधीक्षक से बात की गई तो उन्होंने बताया कि महिला की ओर से कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है, फिलहाल जांच रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी गई है।

जांच करने वाले अधीक्षक को मिला तोहफा!

एटा जिला जेल से वार्डर के वायरल वीडियो की प्रारंभिक जांच करने गए अधीक्षक को तोहफा मिला है। आगरा जेल अधीक्षक को जांच में जेलर का बचाए जाने के लिए आगरा जेल के साथ फिरोजाबाद जेल का भी अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है। इससे पूर्व आगरा/कानपुर परिक्षेत्र के डीआईजी जेल ने फतेहगढ़ जिला जेल का अतिरिक्त प्रभार अपने चहेते फतेहगढ़ सेंट्रल जेल अधीक्षक को सौंप दिया था।

वहीं दूसरी ओर कारागार मुख्यालय ने जौनपुर जेल का अतिरिक्त प्रभार जौनपुर से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर गाजीपुर अधीक्षक को सौंप दिया था। यह तब किया गया जब जौनपुर जेल से वाराणसी जेल मात्र 40 किलोमीटर दूर ही है। जेल मैनुअल के विपरीत आगरा से एटा जांच करने गए अधीक्षक को अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के मामले विभागीय अधिकारियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसको लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे है

homeslider Raj Dharm UP Uttar Pradesh

BLO पर गलत काम करने का दबाव बना रही सरकार: अखिलेश यादव

लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि दिन-रात के चौबीसों घंटे के दबाव के अलावा उत्तर प्रदेश में बीएलओ पर गलत काम करने का दबाव भी है। पहले जो दबाव फ़ार्म 7 से सही लोगों के नाम कटवाने का था, वैसा ही दबाव अब ‘फ़ार्म 6 के’ माध्यम […]

Read More
homeslider Raj Dharm UP

यूपी की ब्राह्मण राजनीति: इतिहास और वर्तमान संदर्भ

उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण नेतृत्व का लंबा इतिहास रहा है। कांग्रेस के दौर में अनेक ब्राह्मण मुख्यमंत्री हुए, जिनमें अंतिम प्रमुख नाम नारायण दत्त तिवारी का रहा। उनके कार्यकाल को प्रशासनिक दक्षता और विकास उन्मुख राजनीति के लिए याद किया जाता है।  भाजपा के संदर्भ में भी यह देखा गया है कि जब […]

Read More
Central UP homeslider Raj Dharm UP Uttar Pradesh

सूबे के चार वरिष्ठ IAS आज होंगे सेवानिवृत्त, इस सूची में देवेश और सुभाष जैसे बड़े अफसर शामिल

नया लुक ब्यूरो लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में आज प्रशासनिक महकमे के लिए एक अहम दिन है। यूपी कैडर के चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इनमें केंद्र और प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे अधिकारी शामिल हैं। साल 1989 बैच के सीनियर अफसर देवेश चतुर्वेदी वर्तमान में […]

Read More