
आराधना मिश्रा का आरोप: पंचायत चुनाव टाल रही थी भाजपा सरकार
Lucknow: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने के निर्देश का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पंचायतों का पांच वर्षीय कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद चुनाव नहीं कराना और निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक बनाए रखना भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पंचायत चुनाव टालकर जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित कर रही थी। सरकार को आशंका थी कि ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त असंतोष चुनाव के दौरान उसके खिलाफ सामने आ सकता है, जिसका असर आगामी विधानसभा चुनाव पर भी पड़ सकता है।
ये भी पढें
किसानों को धान का उचित मूल्य दिलाने के लिए खोले जाएंगे 1000 क्रय केंद्र
उन्होंने OBC आरक्षण के मुद्दे को भी गंभीर बताते हुए कहा कि हाई कोर्ट ने आरक्षण के लिए आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। आगरा में तीन लाख से अधिक ओबीसी आबादी के मुकाबले आयोग के सामने केवल 179 लोगों के पहुंचने और महज 29 लोगों के बयान दर्ज होने की जानकारी पर अदालत की चिंता प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि क्या जानबूझकर आंकड़े जुटाने में देरी की गई और पंचायत चुनाव टालने का आधार तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की देरी से पिछड़े वर्गों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने मांग की कि हाई कोर्ट के निर्देशानुसार तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराए जाएं और ओबीसी आरक्षण के लिए पर्याप्त एवं विश्वसनीय आंकड़े जुटाकर पिछड़े वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
गन्ना किसान संस्थान परिसर में 52 रुपये किलो में मिलेगी चीनी

