
Meerut: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। करीब 17 महीने चली सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने अमित की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत अब दोनों की सजा पर 16 अक्टूबर को फैसला सुनाएगी। मामले में फांसी या उम्रकैद जैसी सजा पर फैसला हो सकता है।
सांप के डसने से मौत का रचा गया था भ्रम
यह मामला 13 अप्रैल 2025 को सामने आया था। उस सुबह अमित कश्यप का शव घर में बिस्तर पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। शव के नीचे एक जिंदा घोड़ा पछाड़ सांप दबा हुआ था। उसके शरीर पर सांप के डंसने के निशान भी मिले थे। शुरुआत में इसे सांप के काटने से हुई मौत माना गया। अमित की पत्नी रविता ने भी दावा किया था कि उसकी मौत सांप के डंसने से हुई है। लेकिन पुलिस जांच और फॉरेंसिक साक्ष्यों ने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला हत्या का राज
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि अमित की मौत सांप के जहर से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, गला, नाक और मुंह दबाए जाने के कारण उसकी जान गई। गला दबाने की वजह से उसकी गर्दन की हायोइड हड्डी और थायरॉइड कार्टिलेज भी टूट गई थी।
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मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टर की गवाही अभियोजन पक्ष के लिए अहम सबूत बने। जांच में पुलिस ने आरोप लगाया कि अमित को उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने मिलकर मौत के घाट उतारा और हत्या को सांप के काटने से हुई प्राकृतिक मौत दिखाने की कोशिश की।
अवैध संबंधों का शक बना हत्या की वजह
अभियोजन के अनुसार, अमित को पत्नी रविता और उसके दोस्त अमरदीप के बीच संबंधों की भनक लग गई थी। इसके बाद दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। हत्या के बाद शव के नीचे सांप छोड़कर मामले को सांप के डंसने से हुई मौत का रूप देने की कोशिश की गई।
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी माना है। अब सभी की नजर 16 अक्टूबर को होने वाली सजा की सुनवाई पर है, जब अदालत यह तय करेगी कि दोनों दोषियों को क्या दंड दिया जाएगा।
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