
E20 Fuel News: पेट्रोल में एथनॉल की ब्लेंडिंग को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बिहार पहुंचे। पटना में आयोजित ‘बिहार इन्वेस्टर समिट 2026’ के उद्घाटन कार्यक्रम में उन्होंने E20 ईंधन को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार का पक्ष रखा। गडकरी ने कहा कि एथनॉल मिश्रित पेट्रोल से बड़े पैमाने पर वाहनों को नुकसान पहुंचने के दावे के समर्थन में प्रमाण सामने नहीं आए हैं।
गडकरी ने क्या कहा?
गडकरी के मुताबिक, देश की प्रमुख वाहन कंपनियों ने वाहनों को 100 फीसदी एथनॉल पर चलाकर भी परीक्षण किया है और इस संबंध में कोई बड़ी शिकायत सामने नहीं आई। इससे पहले भी वह E20 को लेकर वाहन क्षति के दावों पर सवाल उठा चुके हैं। जुलाई 2026 में उन्होंने कहा था कि E20 की वजह से इंजन फेल होने का व्यापक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, E20 के इस्तेमाल को लेकर बड़े पैमाने पर इंजन फेलियर या वाहन खराब होने की कोई सत्यापित व्यापक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। सरकार का कहना है कि E20 को लागू करने से पहले ARAI, SIAM, IOCL और अन्य संस्थानों के जरिए परीक्षण और फील्ड वैलिडेशन किया गया था।
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पुराने वाहनों को लेकर क्या है स्थिति?
E20 पर चर्चा सिर्फ इंजन की खराबी तक सीमित नहीं है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कुछ पुराने वाहनों में ईंधन दक्षता यानी माइलेज पर असर पड़ सकता है। जुलाई में संसद में दिए गए जवाब के अनुसार, वाहन की श्रेणी और उम्र के आधार पर E20 से ईंधन दक्षता में करीब दो से छह फीसदी तक कमी संभव बताई गई थी। वहीं 2016 से पहले निर्मित कुछ BS-III वाहनों में कुछ रबर पार्ट्स और गैस्केट को नियमित सर्विसिंग के दौरान बदलने की जरूरत पड़ सकती है।
इसलिए E20 को लेकर ‘वाहन पूरी तरह खराब हो जाएंगे’ और ‘किसी भी वाहन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ सकता’ जैसे व्यापक दावों को अलग-अलग तकनीकी परिस्थितियों के संदर्भ में देखना जरूरी है।
एथनॉल नीति को किसानों से भी जोड़ा
गडकरी ने एथनॉल ब्लेंडिंग को केवल पेट्रोल के विकल्प के तौर पर नहीं, बल्कि कृषि और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी नीति के रूप में पेश किया। उनका कहना है कि मक्का जैसी फसलों से एथनॉल उत्पादन बढ़ने पर किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर बन सकते हैं। सरकार भी एथनॉल कार्यक्रम को कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू स्तर पर वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा बताती रही है।
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बिहार में निवेश और नई तकनीक पर भी जोर
पटना में आयोजित निवेश सम्मेलन के दौरान गडकरी ने बिहार की अर्थव्यवस्था में पर्यटन और स्थानीय उत्पादों की संभावनाओं पर भी बात की। उन्होंने मखाने जैसे उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने और राज्य में निवेश बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने भविष्य की ईंधन तकनीक और नवाचार का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि अवशेषों से विमान ईंधन जैसे विकल्पों पर भी काम हो रहा है। उनके अनुसार आने वाले समय में तकनीक, अनुसंधान और वैकल्पिक ईंधन भारत की ऊर्जा जरूरतों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
E20 पर क्या कहता है सरकारी डेटा?
केंद्र सरकार का कहना है कि E20 को वैज्ञानिक परीक्षणों, वाहन निर्माताओं से सलाह और चरणबद्ध प्रक्रिया के बाद लागू किया गया है। सरकारी दस्तावेजों में यह भी कहा गया है कि बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के बावजूद E20 से जुड़ी व्यापक इंजन खराबी का सत्यापित प्रमाण नहीं मिला है।
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