संकष्टी चतुर्थी का व्रत कल

Sankashti Chaturthi 2026

Sankashti Chaturthi 2026: 29 सितंबर 2026 को विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा।मंगलवार के दिन पड़ने के कारण इसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है, जिसे बेहद शुभ माना जाता हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत का विशेष महत्व माना जाता है।

संकष्टी चतुर्थी 2026 के प्रमुख समय

  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 29 सितंबर 2026, शाम 5:09 बजे
  • चतुर्थी तिथि समाप्त: 30 सितंबर 2026, दोपहर 2:55 बजे
  • चंद्रोदय का समय: रात 8:15 बजे
  • व्रत पारण: चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद किया जाएगा।

ये भी पढें

उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में नया मोड़, हाई कोर्ट में बनी सहमति; कार्रवाई के दौरान पथराव

पूजा की संक्षिप्त विधि

सुबह का संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, साफ (पीले या लाल) कपड़े पहनें और भगवान गणेश के सामने व्रत का संकल्प लें।

दिनभर का व्रत: इस दिन फलाहार व्रत रखा जाता है। आप चाहें तो साबूदाना, फल या दूध का सेवन कर सकते हैं।

शाम की मुख्य पूजा: शाम को गणेश जी को दूर्वा, लाल फूल, चंदन, हल्दी और कुमकुम अर्पित करें। उन्हें उनके प्रिय मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।

कथा और आरती: ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करें, विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी की व्रत कथा पढ़ें और आरती करें।

अर्घ्य और पारण: रात 08:15 बजे जब चांद निकले, तब दूध और जल से चंद्रमा को अर्घ्य दें और फिर अपना व्रत खोलें।

अंगारकी संकष्टी चतुर्थी की पौराणिक व्रत कथा

पौराणिक काल में ऋषि भारद्वाज महान विद्वान और भगवान गणेश के अनन्य भक्त थे। उनकी कठिन तपस्या और भक्ति से प्रसन्न होकर पृथ्वी माता ने एक अत्यंत तेजस्वी और लाल आभा वाले बालक को जन्म दिया। ऋषि भारद्वाज ने उस बालक का नाम अंगारक (जिसका रंग अंगारे जैसा लाल हो) रखा। जब अंगारक बड़े हुए, तो उन्होंने अपने पिता ऋषि भारद्वाज से भगवान गणेश की महिमा और उनकी आराधना के बारे में जाना। श्री गणेश को प्रसन्न करने के लिए अंगारक नर्मदा नदी के तट पर चले गए। वहाँ उन्होंने अन्न-जल का त्याग कर दिया और कई वर्षों तक बेहद कठिन और निराहार तपस्या की। अंगारक की इस घोर तपस्या से विघ्नहर्ता भगवान गणेश अत्यंत प्रसन्न हुए। माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन भगवान गणेश ने अंगारक को साक्षात दर्शन दिए। गणेश जी का चतुर्भुज और दिव्य रूप देखकर अंगारक अत्यंत भावुक हो गए और उनके चरणों में गिर गए।भगवान गणेश ने उनसे कहा, “हे अंगारक! मैं तुम्हारी इस निष्काम और कठिन तपस्या से बहुत प्रसन्न हूँ।

ये भी पढें

विश्व पर्यटन दिवस पर नेपाल में विदेशी पर्यटकों की सुविधाओं पर जोर

तुम अपनी इच्छानुसार कोई भी वरदान मांग लो।”अंगारक ने हाथ जोड़कर अत्यंत विनम्रता से कहा, “हे प्रभु! मेरी केवल यही इच्छा है कि मेरा नाम सदा के लिए आपकी अनन्य भक्ति से जुड़ जाए और मुझे देवलोक (स्वर्ग) में स्थान प्राप्त हो।”तब भगवान गणेश ने मुस्कुराते हुए उन्हें वरदान दिया, “हे पृथ्वी पुत्र! आज के बाद तुम आकाश मंडल में मंगल ग्रह के नाम से जाने जाओगे और तुम्हें नवग्रहों में देव पद प्राप्त होगा। चूंकि आज मंगलवार का दिन है और आज चतुर्थी तिथि है, इसलिए आज से जब भी मंगलवार के दिन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी आएगी, उसे पूरे ब्रह्मांड में अंगारकी चतुर्थी कहा जाएगा।”श्री गणेश ने इस व्रत की महिमा बताते हुए आगे कहा, “जो भी भक्त अंगारकी चतुर्थी के दिन मेरा व्रत रखेगा, विधि-विधान से पूजा करेगा और तुम्हारी यह कथा सुनेगा, उसे पूरे एक साल तक संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने जितना पुण्य फल एक ही दिन में मिल जाएगा। उसके जीवन में कभी कोई संकट या ऋण (कर्ज) नहीं रहेगा और उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।”यह अद्भुत वरदान देकर भगवान गणेश अंतर्ध्यान हो गए। इसके बाद अंगारक ने प्रसन्नतापूर्वक मंगल ग्रह का पद संभाला। तभी से मंगलवार को आने वाली संकष्टी चतुर्थी को अंगारकी चतुर्थी के रूप में बेहद श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें

विश्व पर्यटन दिवस पर नेपाल में विदेशी पर्यटकों की सुविधाओं पर जोर

सात समंदर पार जीवंत हुई महाराष्ट्र की संस्कृति, बर्लिन में गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’

कमजोर मानसून से मराठवाड़ा में सूखे का संकट, 74 तालुके सूखाग्रस्त घोषित

 

 

 

Spread the love

Berlin
International Religion

सात समंदर पार जीवंत हुई महाराष्ट्र की संस्कृति, बर्लिन में गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’

शाश्वत तिवारी Berlin: जर्मनी की राजधानी बर्लिन में भारतीय संस्कृति की अनूठी छटा देखने को मिली, जहां गणेश उत्सव बेहद धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बर्लिन की सड़कों पर जब ‘गणपति बप्पा मोरया’ और ‘मंगलमूर्ति मोरया’ के जयकारे गूंजे, तो पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इस भव्य आयोजन में प्रवासी भारतीयों, विशेषकर महाराष्ट्र […]

Spread the love
Read More
Maharajganj
homeslider Uttar Pradesh

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में महराजगंज में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

उमेश चन्द्र त्रिपाठी Maharajganj: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी तथा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के आवाहन पर आज पूरे प्रदेश की तरह महाराजगंज जनपद में भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ने उनको गिरफ्तार करने तथा उनके समय में किए गए निर्णय की […]

Spread the love
Read More
Lucknow
homeslider Uttar Pradesh

लखनऊ में बड़ा हादसा टला, SA अपार्टमेंट का पिलर गिरा; SDRF ने संभाला मोर्चा

Lucknow: राजधानी लखनऊ के वजीरगंज इलाके में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब लाल मस्जिद के पास स्थित SA अपार्टमेंट का एक पिलर अचानक टूटकर सड़क पर जा गिरा। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम […]

Spread the love
Read More