जारी राहत और बचाव अभियान में भारत लगातार मानवीय सहायता उपलब्ध करा रहा है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार भारतीय वायुसेना का आठवां विमान बुधवार को राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंचा।
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
Kathmandu : भारत ने 26 अगस्त 2026 से अब तक आठ विशेष उड़ानों के जरिए नेपाल को 130 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी है। इसके अलावा, बचाव, राहत और फॉरेंसिक अभियानों में सहयोग के लिए भारत से 54 विशेषज्ञ कर्मियों को नेपाल भेजा गया है।

भारत की ओर से टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाओं के अलावा विशेष उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें टनल और कीचड़ में बचाव के उपकरण, मड रेस्क्यू सूट, गैस डिटेक्टर, ब्रीदिंग अपरेटस, इन्फ्लेटेबल वॉकवे, डीएनए किट और डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए जरूरी उपकरण व रिएजेंट शामिल हैं। इसके साथ ही पोर्टेबल जनरेटर, लाइटिंग टावर और पानी निकालने वाले पंप भी भेजे गए हैं।
भारतीय विशेषज्ञों की विशेष टनल रेस्क्यू टीम ने नेपाली सेना के साथ समन्वय में चिलिमे और लांगटांग में बचाव अभियान शुरू किया था। फिलहाल खोज और बचाव अभियान का मुख्य फोकस चिलिमे पर है। यहां कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, पहुंच की समस्या और सुरंग के ढलान के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
भारतीय टीम मैनुअल प्रयासों और नई तकनीकों के जरिए लगातार काम कर रही है। सुरंग तक भारी मशीनरी, जिसमें एक्स्काभेटर भी शामिल है, पहुंचाने के लिए एक अस्थायी ट्रैक तैयार किया जा रहा है। भारतीय दूतावास के मुताबिक, इस ट्रैक के निर्माण में उत्साहजनक प्रगति हुई है और इसके अगले 2-3 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है।
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