क्या 2027 के चुनाव में अमर मणि त्रिपाठी बचा पाएंगे अपनी पुरानी साख?

Maharajganj
  • राजनीति के विशेषज्ञ कहते हैं पार्टियों ने नकार भी दिया तो अमर मणि बनेंगे सभी के लिए सिरदर्द!
  • आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में ओशिन, तनुश्री और अलंकृता मणि का पुनः एक बार फिर होगा कड़ा इम्तिहान?

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

Maharajganj: मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काटकर बाहर आए पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की सियासी जमीन पूरी तरह खिसक चुकी है। कानून ने भले ही उन्हें रिहा कर दिया हो,लेकिन जनता की अदालत ने उन्हें नकार दिया है। जेल से बाहर आने के बाद अमरमणि पुराना रसूख वापस पाने के लिए गांव-गांव, बैठक में सक्रिय हैं। विरोधी खेमे के लोग एक सुर से बोल रहे हैं अब अमर मणि का पहले वाला दबदबा खत्म है, अब कोई रंग चढ़ने वाला नहीं है।

इस संबंध में स्थानीय मतदाताओं की मिली जुली प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कुछ लोगों का साफ कहना है कि चाहे दल कोई भी हो अमरमणि में अब जनता की कोई रुचि नहीं बची। कभी पूर्वांचल में जिस नाम की तूती बोलती थी, आज उसी नाम से लोग दूरी बना रहे हैं। लोगों का गुस्सा उनके बेटे अमनमणि त्रिपाठी को लेकर भी है। स्थानीय लोगों ने कहा – “एक बार बेटे को विधायक बनाकर देख लिया, उसके बाद जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है।

ये भी पढें

सात साल बाद मोदी-जिनपिंग मुलाकात, दुर्लभ खनिजों पर बन सकती है सहमति

पिता-पुत्र की जोड़ी से लोगों का मोहभंग हो चुका है।” इसका ताजा उदाहरण हाल ही में कांग्रेस की एक बैठक में देखने को मिला। अमरमणि त्रिपाठी बैठक में पहुंचे तो जरूर, लेकिन वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उन्हें तवज्जो तक नहीं दी। पूरी बैठक में उनकी मौजूदगी बेअसर रही।

वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों का कहना है कि अमर मणि टिकट मांगने नहीं बल्कि कांग्रेस की हैसियत नापने गए थे पर वहां पर मौजूद कुछ लोगों को रास नहीं आया। इससे उन्हें कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला है और आज भी दोनों विधानसभा क्षेत्रों में अमर मणि और अमन मणि का पलड़ा भारी है। बीते वर्षों में अपने दम पर कईयों की सरकार बनाने और बिगाड़ने वाले नेता अमर मणि त्रिपाठी कभी हार मान ही नहीं सकते हैं?

ये भी पढें

BRICS समिट से पहले चिदंबरम के सवाल पर BJP ने बताया ‘नाराज फूफा’

साफ है, लंबी सजा के बाद अमरमणि त्रिपाठी की सियासी वापसी का रास्ता कांटों भरा है। अब देखना होगा कि क्या वह कोई नया सियासी दांव खेल पाते हैं या उनका राजनीतिक अध्याय हमेशा के लिए बंद हो जाता है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि अमरमणि कभी हार नहीं मानने वाले हैं वह नौतनवां से अपनी अधिवक्ता बहू ओशिन को नौतनवां विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में आगामी 2027 के चुनाव में मैदान में उतार सकते हैं ऐसे में विरोधियों को ओशिन के खिलाफ बोलने का कोई मुद्दा ही नहीं मिलेगा?

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अमर मणि की अधिवक्ता बहू ओशिन नौतनवां विधानसभा क्षेत्र का लगातार दौरा कर रहीं हैं। जहां एक तरफ आधी आबादी विशेषकर महिलाओं में उनकी गहरी पैठ बनती जा रही है। वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र की बहू होने के नाते बड़े बुजुर्गो और युवाओं का भी उन्हें आशिर्वाद और स्नेह मिल रहा है। अधिकांश लोगों का कहना है कि ओशिन के निर्दलीय चुनाव लड़ने पर विरोधी खेमे में उनके खिलाफ बोलने का कोई मुद्दा नहीं बचा है। चर्चा यह भी है कि अगर अमर मणि त्रिपाठी को चुनाव लड़ने में कानूनी अड़चन आया तो फरेंदा से अमन मणि त्रिपाठी को चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है?

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें

BRICS समिट से पहले चिदंबरम के सवाल पर BJP ने बताया ‘नाराज फूफा’

ईरान का अमेरिका पर बड़ा पलटवार! F-15 समेत कई अमेरिकी विमानों को नुकसान का दावा

लखनऊ की 160 जर्जर इमारतें प्रशासन के निशाने पर

 

 

One thought on “क्या 2027 के चुनाव में अमर मणि त्रिपाठी बचा पाएंगे अपनी पुरानी साख?”

Comments are closed.

Lucknow
homeslider Uttar Pradesh

मायावती का बड़ा दांव, आकाश आनंद बसपा से बाहर; ईशान को मिली अहम जिम्मेदारी

Lucknow: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव देखने को मिला है। पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को बसपा से पूरी तरह अलग करने का फैसला किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। आकाश […]

Read More
Meerut
Crime News Uttar Pradesh

बाल विवाह की कोशिश नाकाम, पुलिस पहुंचते ही दूल्हा-बाराती हुए फरार

Meerut: उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिस की तत्परता से नाबालिग लड़की की शादी कराने की कोशिश को समय रहते रोक दिया गया। शेरगढ़ी इलाके के एक मंदिर में 13 वर्षीय किशोरी की शादी 20 साल के युवक से कराए जाने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस टीम जैसे ही […]

Read More
Lucknow
homeslider Uttar Pradesh

लखनऊ की 160 जर्जर इमारतें प्रशासन के निशाने पर

Lucknow: राजधानी में पुराने और जर्जर भवनों से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बड़ा अभियान शुरू किया है। प्राधिकरण ने अपनी आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं में स्थित पुराने भवनों की स्थिति का आकलन कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर करीब 160 इमारतों को […]

Read More