
झारखंड: JSSC, CGL सहित TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द
आंदोलित छात्रों के दबाव में CM ने लिया फैसला
CM ने कहा: वे हमारे राज्य के नौजवान हैं, सरकार हमेशा उनके हितों के साथ खड़ी है
रंजन कुमार सिंह
JSSC CGL : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने सोमवार को लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों को मनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार ने JSSC CGL (कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) परीक्षा के साथ-साथ टीडीपीएल (TDPL) एजेंसी द्वारा आयोजित की गई अन्य सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द (Cancel) करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है. प्रोजेक्ट भवन में आयोजित बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद मीडिया से बातचीत करते हुए इसकी आधिकारिक घोषणा की. इधर, जैसे ही परीक्षा रद्द करने का ऐलान हुआ तो रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे सैकड़ों छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई.
TDPL द्वारा ली गई सभी परीक्षाएं रद्द
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह भी जानकारी दी कि सिर्फ सीजीएल परीक्षा ही नहीं बल्कि TDPL एजेंसी द्वारा ली गई सभी परीक्षाएं रद्द होंगी. भले ही उसकी चयन प्रक्रिया पूरी ही क्यों न हो हो गई हो. साथ ही CGL परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच होंगी. प्रेस वार्ता में सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे युवा अलग-अलग खेमों में बंटे नहीं हैं, वे सभी हमारे राज्य के नौजवान हैं और सरकार हमेशा उनके हितों के साथ खड़ी है. मैं खुद हमेशा छात्र के हित के पक्ष में रहा हूं.
पूर्ववर्ती सरकारों पर भी मढ़ा दोष
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों पर भी बात की. उन्होंने कहा कहा कि यदि पूर्व में निर्धारित एसओपी (Standard Operating Procedure) का पूरी सख्ती से पालन किया जाता, तो ऐसी खामियां सामने नहीं आतीं. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए सबसे पहले कड़ा कानून बनाया है और अब परीक्षा प्रक्रिया में कई नए सुधार (Reforms) करने जा रही है ताकि पूरी पारदर्शिता बरती जा सके.
परीक्षा में सुधारों के लिए होगा उच्चस्तरीय कमेटी का गठन
सीएम हेमंत सोरेन ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए अपना प्लान भी बताया. उन्होंने कहा कि जेएसएससी और जेपीएसएसी में सुधार के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा. ये कमेटी प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और आवश्यक परीक्षा सुधारों (Exam Reforms) के लिए अपनी सिफारिशें और दिशा-निर्देश तैयार करेगी. मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि उनकी सरकार युवाओं के भविष्य के खिलवाड़ को रोकने और उनके भरोसे को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
2014 से हुई हो रही नियुक्तियों की गड़बड़ी की भी जांच होगी
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट ने केवल जेएसएससी सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल द्वारा ली गई परीक्षा को केवल रद्द करने की बात नहीं की है. उन्होंने यहां तक घोषणा कर दी है कि 2014 से हुई सभी छोटी-बड़ी नियुक्तियों के गड़बड़ियों की जांच की जाएगी. इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा पारित MMDR बिल को लेकर के भी अपना और सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि हम केंद्र सरकार द्वारा MMDR एक्ट में किए गए बदलावों पर चर्चा करने के लिए जल्द ही बैठक करने वाले हैं. ज़रूरत पड़ने पर, हम इस खास मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए विशेष सत्र भी बुला सकते हैं.”
सबसे बड़ा सवाल: जिन लोगों ने JSSC CGL के जरिए नौकरी हासिल कर ली है, उनकी नौकरी का क्या होगा?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन लोगों ने JSSC CGL के जरिए नौकरी हासिल कर ली है, उनकी नौकरी का क्या होगा?
और जिन उम्मीदवारों का चयन हुआ था, उनके लिए अब आगे क्या रास्ता बचेगा?
JSSC CGL में किस पद पर नौकरियां थीं?
JSSC CGL भर्ती में अलग-अलग सरकारी पदों को भरा जाना था. इनमें Assistant Branch Officer, Junior Secretariat Assistant, Block Supply Officer और Planning Assistant जैसे पद शामिल थे.
JSSC CGL परीक्षा रद्द होने का सीधा असर सिर्फ परीक्षा देने वाले छात्रों पर नहीं पड़ेगा, बल्कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े चयनित उम्मीदवार भी इसके दायरे में आ सकते हैं.
कर्मचारी कर रहे CBI जांच की मांग
तो क्या चयनित उम्मीदवारों की नौकरी जाएगी?
यही सबसे बड़ा सवाल है और इसका जवाब अभी थोड़ा संभलकर समझना जरूरी है. सरकार ने JSSC CGL परीक्षा और उससे जुड़े परिणाम को रद्द करने का फैसला लिया है, लेकिन हर चयनित व्यक्ति की नौकरी तुरंत खत्म हो जाएगी, ऐसा कहना अभी सही नहीं होगा.
सरकार के फैसले के बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी. अगर किसी उम्मीदवार की नियुक्ति हो चुकी है, तो उसकी स्थिति नियुक्ति आदेश, संबंधित सरकारी नियमों और आगे जारी होने वाले आधिकारिक आदेशों पर निर्भर करेगी.
जिनका चयन हुआ, उनके सामने क्या स्थिति है?
JSSC CGL में जिन उम्मीदवारों का चयन हुआ था, उनके लिए स्थिति निश्चित रूप से चिंता वाली है. अगर पूरी परीक्षा और परिणाम ही रद्द कर दिए जाते हैं, तो पुराने परिणाम के आधार पर आगे की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी असर पड़ सकता है.
सरकार आगे नई परीक्षा कराने या भर्ती प्रक्रिया को किसी दूसरे तरीके से आगे बढ़ाने का फैसला कर सकती है. हालांकि इसकी पूरी तस्वीर आधिकारिक आदेश और नई अधिसूचना आने के बाद ही साफ होगी.
नए सिरे से परीक्षा हुई तो क्या फिर मौका मिलेगा?
अगर सरकार और आयोग नई परीक्षा के जरिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करते हैं, तो पुराने उम्मीदवारों को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि उन्हें दोबारा आवेदन करना होगा या नहीं.
यह फैसला सरकार और JSSC की ओर से जारी होने वाली नई गाइडलाइन में स्पष्ट किया जाएगा. इसलिए उम्मीदवारों को फिलहाल सोशल मीडिया पर चल रही अलग-अलग बातों के बजाय आयोग की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए.
TDPL की पुरानी परीक्षाओं का क्या होगा?
मामला सिर्फ JSSC CGL तक सीमित नहीं है. राज्य सरकार ने TDPL के जरिए 2014 से आयोजित परीक्षाओं और उनसे जुड़े भर्ती कार्यों को भी रद्द करने का फैसला लिया है. सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों की व्यापक जांच की बात भी कही है.
छात्रों की मांग क्यों थी इतनी बड़ी
JSSC CGL समेत झारखंड की कई भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से सवाल उठा रहे थे. छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग की थी. इसी को लेकर कई दिनों से आंदोलन चल रहा था.
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