कलिनिनग्राद पर पुतिन की परमाणु चेतावनी, NATO से बढ़ा तनाव

Moscow: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस और NATO के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर रूस के क्षेत्र, खासकर कलिनिनग्राद, पर सीधा हमला होता है तो मॉस्को अपने पास मौजूद सभी हथियारों के इस्तेमाल पर विचार करेगा।

उनके बयान में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना भी शामिल है।पुतिन ने यह बयान एक अक्टूबर को मॉस्को में आयोजित वाल्दाई डिस्कशन क्लब की बैठक में दिया। उन्होंने कहा कि रूस का किसी यूरोपीय देश पर हमला करने का इरादा नहीं है, लेकिन अगर रूस के खिलाफ सीधी आक्रामकता होती है तो वह जवाब देने के लिए तैयार है।

कलिनिनग्राद पर हमले को लेकर क्यों दी चेतावनी?

पुतिन की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बाल्टिक क्षेत्र में NATO की सैन्य गतिविधियों और कलिनिनग्राद को लेकर मॉस्को की चिंता बढ़ी हुई है। रूस ने हाल में NATO को राजनयिक संदेश भेजकर कलिनिनग्राद की संभावित नाकाबंदी या उसे रूस के मुख्य हिस्से से अलग करने की कोशिश के खिलाफ चेतावनी दी थी।

NATO ने रूस के इस दावे को खारिज किया है और कहा है कि गठबंधन एक रक्षात्मक संगठन है। NATO महासचिव मार्क रूटे ने भी रूस की परमाणु धमकी वाली बयानबाजी को मददगार नहीं बताया है।

क्या रूस यूक्रेन युद्ध में परमाणु बम इस्तेमाल करेगा?

पुतिन के बयान को सीधे तौर पर यूक्रेन में परमाणु हमला करने की घोषणा नहीं माना जा सकता। उनकी ताजा चेतावनी मुख्य रूप से रूसी क्षेत्र पर सीधे हमले, विशेषकर कलिनिनग्राद, की स्थिति से जुड़ी है।

ये भी पढें

Jio IPO पर बड़ा अपडेट, जानें कब आएगा इश्यू और क्या होगा GMP

हालांकि, परमाणु हथियारों का सार्वजनिक रूप से उल्लेख रूस और NATO के बीच बढ़ते तनाव को रेखांकित करता है। पुतिन ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात बेहद खतरनाक हैं और टकराव को उस बिंदु तक नहीं पहुंचना चाहिए जहां स्थिति को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाए।

क्या है कलिनिनग्राद?

कलिनिनग्राद रूस का एक एक्सक्लेव है, यानी रूस का ऐसा क्षेत्र जो मुख्य रूसी भूभाग से अलग है। यह बाल्टिक सागर के किनारे स्थित है और इसकी सीमा NATO सदस्य देशों पोलैंड और लिथुआनिया से लगती है।

रणनीतिक दृष्टि से कलिनिनग्राद रूस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र सैन्य दृष्टि से भारी किलेबंदी वाला माना जाता है और बाल्टिक क्षेत्र में रूस की सैन्य मौजूदगी का अहम केंद्र है। यही वजह है कि इस इलाके को लेकर रूस और NATO के बीच किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि संवेदनशील मानी जाती है।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच बढ़ रहा टकराव

यूक्रेन युद्ध के बीच रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। पुतिन ने अपने ताजा बयान में यूक्रेन की ओर से रूसी तेल रिफाइनरियों और अन्य बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों का भी जिक्र किया। उन्होंने माना कि इन हमलों का रूसी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है, हालांकि मॉस्को ने जवाबी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है। वहीं, यूरोपीय देशों और NATO की ओर से रूस पर साइबर हमलों, तोड़फोड़ और अन्य तरह की कथित हाइब्रिड गतिविधियों के आरोप लगाए जाते रहे हैं।

रूस इन आरोपों को खारिज करता रहा है। फिलहाल पुतिन की ताजा टिप्पणी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि रूस और NATO के बीच तनाव किस दिशा में जाता है। हालांकि, परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर कोई तत्काल फैसला या यूक्रेन में परमाणु हमला शुरू होने की घोषणा नहीं हुई है। ताजा बयान एक संभावित सीधे हमले की स्थिति में रूस की प्रतिक्रिया को लेकर चेतावनी के तौर पर सामने आया है।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें

मलिहाबाद: महिला की संदिग्ध हालात में मौत, बेता नाले में मिला शव

गांधी जयंती पर CM योगी ने खरीदा भगवा गमछा, बच्चों को बांटी चॉकलेट

घी, तेल या मक्खन? पराठे के लिए क्या है हेल्दी विकल्प?

गया पितृपक्ष मेले में बड़ा खुलासा, AI-CCTV से पकड़ा गया मोबाइल चोर गिरोह

सारण में बाढ़ का कहर, 19 टीमें राहत-बचाव में जुटीं

 

 

Spread the love

New York
International

यूएन में भारत का पाकिस्तान पर तंज, बोला- ‘खोखली जीत’ मुबारक

शाश्वत तिवारी New York:  संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की छठी समिति (कानूनी मामले) में भारत ने एक बार फिर आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर बेनकाब किया है। ‘अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को खत्म करने के उपाय’ विषय पर आयोजित चर्चा के दौरान संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रथम सचिव राघू पुरी ने पाकिस्तान […]

Spread the love
Read More
Accra
International

‘ग्लोबल साउथ’ को मिलेगी नई ताकत, भारत-घाना के बीच हुए कई MoU

शाश्वत तिवारी Accra: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर छह से 10 अक्टूबर तक घाना, कोटे डी आइवर और इथियोपिया की आधिकारिक यात्रा पर हैं। अफ्रीकी दौरे के पहले चरण में घाना की राजधानी अकरा पहुंचे विदेश मंत्री का उनके समकक्ष सैम ओकुद्ज़ेटो अब्लाक्वा ने गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच हुई उच्च स्तरीय […]

Spread the love
Read More
Kochi
International

कोच्चि में हुआ EAS सम्मेलन, हिंद-प्रशांत में समुद्री सुरक्षा मजबूत करने पर जोर

शाश्वत तिवारी Kochi: सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए भारत की मेजबानी में केरल के कोच्चि में समुद्री सुरक्षा सहयोग पर 7वां EAS (पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन) सम्मेलन आयोजित किया गया। विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, स्थिरता और नेविगेशन की […]

Spread the love
Read More