
Pakistan nuclear attack: चीन के चर्चित जियोपॉलिटिकल विश्लेषक और प्रोफेसर जियांग ज्यूकिन का एक बयान इन दिनों चर्चा में है। एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान उन्होंने संभावित परमाणु संघर्ष को लेकर अपनी राय रखी और कहा कि अगर भविष्य में कभी परमाणु हथियारों का इस्तेमाल होता है, तो पाकिस्तान ऐसा कदम उठाने वाले देशों में शामिल हो सकता है। हालांकि, यह उनका व्यक्तिगत आकलन है और इसे किसी सरकारी नीति या आधिकारिक चेतावनी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
परमाणु युद्ध को लेकर क्या बोले जियांग?
यूट्यूबर राज शमानी के पॉडकास्ट में अंतरराष्ट्रीय राजनीति समेत कई मुद्दों पर चर्चा के दौरान जियांग से पूछा गया कि भविष्य में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल होने की स्थिति में इसकी शुरुआत किस देश से हो सकती है।
जियांग ने पाकिस्तान का नाम लेते हुए उसके सामने मौजूद राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का हवाला दिया। उन्होंने तर्क दिया कि किसी गंभीर संकट की स्थिति में यदि किसी देश के पास पर्याप्त नियंत्रण और निर्णय लेने की मजबूत व्यवस्था न हो, तो हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं।
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हालांकि, जियांग ने यह भी कहा कि उन्हें निकट भविष्य में परमाणु युद्ध की संभावना बेहद कम नजर आती है। उनके मुताबिक दुनिया में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ एक मजबूत वैश्विक दबाव और मानसिक बाधा मौजूद है।
पाकिस्तान को लेकर क्यों जताई आशंका?
चीनी प्रोफेसर ने अपने आकलन में पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक परेशानियों और आंतरिक चुनौतियों का जिक्र किया। उनका मानना है कि यदि इन समस्याओं के साथ किसी बड़े सैन्य संकट की स्थिति बनती है, तो जोखिम बढ़ सकता है।
उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित सैन्य टकराव को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के लिहाज से संवेदनशील परिदृश्य बताया। दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं और अतीत में उनके बीच सैन्य तनाव भी देखने को मिलता रहा है।
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हालांकि, किसी भी संभावित परमाणु संघर्ष को लेकर इस तरह के अनुमान को तथ्य या निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता। परमाणु हथियारों से जुड़े फैसले कई सैन्य, राजनीतिक और रणनीतिक कारकों पर निर्भर करते हैं।
भारत की परमाणु नीति का भी किया जिक्र
जियांग ने भारत की परमाणु नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत लंबे समय से ‘नो फर्स्ट यूज’ यानी पहले परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करने की नीति की बात करता रहा है। उन्होंने भारत की पारंपरिक सैन्य क्षमताओं का भी जिक्र किया और कहा कि परमाणु हथियारों के अलावा भी भारत के पास मजबूत सैन्य विकल्प मौजूद हैं। उनके मुताबिक पाकिस्तान की रणनीतिक सोच में परमाणु हथियारों को भारत की बड़ी पारंपरिक सैन्य क्षमता के खिलाफ एक महत्वपूर्ण प्रतिरोधक के रूप में देखा जाता है।
परमाणु हमले का फैसला आसान नहीं
जियांग ने अपने बयान में परमाणु युद्ध की संभावना को लेकर एक महत्वपूर्ण बात भी कही। उनका कहना था कि परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने वाले देश को इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। परमाणु हमला न केवल सैन्य बल्कि राजनीतिक, आर्थिक और मानवीय संकट को जन्म दे सकता है। इसी वजह से किसी भी देश के लिए ऐसा फैसला लेना बेहद गंभीर और जोखिम भरा होगा।
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