
Vegetables Farming: अगस्त का महीना किसानों के लिए खरीफ फसलों के साथ-साथ सब्जियों की खेती से अतिरिक्त आमदनी का अवसर भी लेकर आता है। मानसून के दौरान खेतों में पर्याप्त नमी रहती है, जिसका फायदा उठाकर किसान कुछ कम अवधि वाली सब्जियों की अगेती खेती कर सकते हैं। अगर मौसम, मिट्टी और बाजार की मांग अनुकूल रही तो नवरात्र, दशहरा और दिवाली के आसपास इन सब्जियों की अच्छी कीमत मिल सकती है।
हालांकि बारिश के मौसम में सब्जियों की खेती करते समय जलभराव और रोगों से बचाव पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। आइए जानते हैं अगस्त में उगाई जा सकने वाली तीन ऐसी सब्जियों के बारे में, जिनसे किसान बेहतर रिटर्न हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।
1. अगेती फूलगोभी से मिल सकता है अच्छा भाव
अगस्त में अगेती फूलगोभी की रोपाई किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकती है। सामान्य सीजन से पहले बाजार में फूलगोभी की आवक होने पर शुरुआती दिनों में मांग और कीमत दोनों बेहतर रहने की संभावना रहती है।
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अगेती खेती के लिए क्षेत्र के अनुसार उपयुक्त किस्मों का चयन करना जरूरी है। पूसा कातकी और पूसा दीपाली जैसी किस्मों का इस्तेमाल कुछ क्षेत्रों में किया जाता है। बारिश के मौसम में खेत में पानी जमा न हो, इसके लिए उठी हुई क्यारियों या मेड़ों पर पौधों की रोपाई करना फायदेमंद रहता है।
फसल की अच्छी बढ़वार के लिए संतुलित खाद, सिंचाई और कीट-रोग नियंत्रण पर ध्यान देना चाहिए। साफ-सुथरी और अच्छी गुणवत्ता वाली फूलगोभी को बाजार में बेहतर भाव मिलने की संभावना रहती है।
2. हरी मिर्च से लगातार आमदनी का मौका
अगस्त में हरी मिर्च की खेती भी किसानों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकती है। इसकी खासियत यह है कि पौधों के अच्छी तरह विकसित होने के बाद एक ही खेत से कई बार मिर्च की तुड़ाई की जा सकती है। इससे किसान को एक साथ पूरी फसल बेचने के बजाय चरणबद्ध तरीके से बाजार में उपज पहुंचाने का अवसर मिलता है।
हरी मिर्च की खेती में जल निकासी बेहद महत्वपूर्ण है। अधिक नमी से जड़ों में रोग और फफूंद की समस्या बढ़ सकती है। किसानों को अपने क्षेत्र के अनुकूल प्रमाणित बीज या पौध सामग्री का चयन करना चाहिए। फसल को रस चूसक कीटों और वायरस से बचाने के लिए नियमित निगरानी भी जरूरी है।
3. हरी धनिया कम समय में तैयार
कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों में हरी धनिया भी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। अगस्त के अंतिम दिनों में मौसम और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार इसकी बुवाई की जा सकती है। अच्छी देखभाल होने पर हरी धनिया अपेक्षाकृत कम समय में बाजार के लिए तैयार हो जाती है।
बारिश के मौसम में धनिया की फसल में अधिक नमी के कारण सड़न और फफूंद जैसी समस्याएं आ सकती हैं। इसलिए खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें और जरूरत के मुताबिक उठी हुई क्यारियों का इस्तेमाल करें। बीजोपचार और संतुलित सिंचाई से फसल को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।
बाजार की मांग देखकर करें खेती
किसी भी सब्जी की खेती शुरू करने से पहले स्थानीय मंडी में मांग, संभावित कीमत, बीज-पौध की उपलब्धता और मौसम की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है। बाजार भाव लगातार बदलते रहते हैं, इसलिए केवल अनुमानित कीमत के आधार पर बड़े पैमाने पर खेती करने से बचना चाहिए।
अगर किसान सही फसल का चुनाव, बेहतर जल निकासी और समय पर फसल प्रबंधन पर ध्यान दें, तो अगस्त में सब्जियों की खेती अतिरिक्त आमदनी का अच्छा जरिया बन सकती है।
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One thought on “अगस्त में उगाएं ये 3 सब्जियां, त्योहारों के सीजन में बढ़ सकती है कमाई”
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