
CJP Protest : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET विवाद को लेकर प्रदर्शन कर रहे CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस फैसले को आंदोलन की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे भी जवाबदेही तय करने की लड़ाई जारी रहेगी। धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए अपने इस्तीफे की जानकारी दी थी। उन्होंने अपने बयान में कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखना उनकी प्राथमिकता रही है।
‘अभी तो शुरुआत हुई है, पहला विकेट गिरा है’
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभिजीत दीपके ने कहा कि यह साबित हो गया है कि अगर लोग बिना डरे अपनी बात रखते हैं और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करते हैं तो बदलाव संभव है। उन्होंने कहा, “अभी तो ये शुरुआत हुई है। अभी सिर्फ पहला विकेट गिरा है।” दीपके ने दावा किया कि लंबे समय से कई नेताओं ने उनसे कहा था कि मौजूदा सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन छात्रों के आंदोलन ने यह स्थिति बदल दी।
सरकार पर साधा निशाना
अभिजीत दीपके ने कहा कि पिछले कई दिनों से चल रहे प्रदर्शन का उद्देश्य केवल एक व्यक्ति का इस्तीफा नहीं था, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदारी तय करना था। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है।
विपक्षी नेताओं ने भी दी प्रतिक्रिया
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विपक्षी नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए छात्रों और युवाओं के आंदोलन को सलाम किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति की आवाज का असर हुआ है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी छात्र आंदोलन को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ताकत ने सरकार को जवाबदेही तय करने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुई लड़ाई अब रोजगार और अन्य मुद्दों तक जाएगी।
कांग्रेस ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा कि यह कदम काफी पहले उठाया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था। उन्होंने कहा कि सरकार को मजबूरी में यह फैसला लेना पड़ा।
NEET विवाद के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल
NEET परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्रों के प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। जहां प्रदर्शनकारी इसे अपनी मांगों की जीत बता रहे हैं, वहीं सरकार की ओर से इस मामले में परीक्षा प्रक्रिया सुधार और छात्रों के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। अब नजर इस बात पर है कि NEET विवाद और परीक्षा व्यवस्था को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

