भारत पर फिर 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा

Donald Trump

रूसी तेल खरीदने वाले पांच देश निशाने पर, संसद में बिल पेश

Donald Trump : अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। अमेरिकी सीनेट में रूस पर प्रतिबंधों से जुड़ा एक संशोधित बिल पेश किया गया है। इसमें रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। अमेरिका के निशाने पर भारत समेत पांच देश हैं।

बिल में कहा गया है कि भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है। यह बिल रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों पार्टियों के समर्थन से लाया जा रहा है। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। इसके तहत रूस के अधिकारियों, शैडो टैंकर बेड़े, केंद्रीय बैंक और सरकारी ऊर्जा परियोजनाओं पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। पहले बिल के शुरुआती मसौदे में 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 100% कर दिया गया।

अगर यह बिल पास हो जाता है तो अमेरिका पहली बार किसी देश पर सिर्फ इसलिए टैरिफ लगाएगा, क्योंकि वह रूस से तेल खरीदकर उसकी कमाई बढ़ा रहा है। भारत ने जून 2026 में रूस से रिकॉर्ड 26.1 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा, जो देश के कुल तेल आयात का 52.4% था। यानी पिछले महीने भारत में आयात होने वाले हर दो बैरल तेल में एक से ज्यादा बैरल रूस से आया। रूस लगातार भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है। मई के मुकाबले जून में रूस से तेल आयात में करीब 39% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

यूरोपीय देशों को राहत देगा अमेरिका

रूस से प्राकृतिक गैस खरीदने वाले चीन, फ्रांस, जापान, हंगरी और बेल्जियम को भी इसके दायरे में रखा गया है। हालांकि, जो देश रूस की कुल गैस निर्यात का 15% से कम आयात करते हैं और अपनी निर्भरता घटाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं, उन्हें छूट मिल सकती है। सीनेट में पेश बिल के तहत 15 यूरोपीय देशों को प्रस्तावित 100% टैरिफ से छूट दी गई है। इन देशों को राहत इसलिए दी गई है, क्योंकि ये रूस से 15% से कम प्राकृतिक गैस खरीदते हैं और धीरे-धीरे उस पर अपनी निर्भरता भी कम कर रहे हैं।

डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि यह बिल यूरोपीय सहयोगियों के खिलाफ नहीं है। इसका निशाना सिर्फ वे देश हैं, जो अब भी रूस के तेल कारोबार को सबसे ज्यादा आर्थिक सहारा दे रहे हैं। बिल में रूस के ऊर्जा उद्योग, वित्तीय संस्थानों, रक्षा औद्योगिक ढांचे, कारोबारियों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है।

बिल को दोनों दलों का समर्थन

सीनेट में पेश रूस-विरोधी टैरिफ बिल को रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, दोनों दलों का समर्थन मिला है। इसे अमेरिकी राजनीति में ‘बाइपार्टिसन बिल’ कहा जाता है। यानी ऐसा प्रस्ताव जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों सहमत हों। आमतौर पर अमेरिका में कई बड़े विधेयक राजनीतिक मतभेदों की वजह से अटक जाते हैं। लेकिन जब दोनों दल किसी बिल के साथ खड़े होते हैं, तो उसके कांग्रेस से पारित होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। हालांकि, बिल को कानून बनने के लिए अभी सीनेट और प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) दोनों से मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने पर ही यह कानून बनेगा।

ट्रम्प को मिलेगी छूट देने की पावर

संशोधित बिल में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को यह अधिकार भी दिया गया है कि अगर उन्हें लगे कि यह अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है, तो वे इन प्रतिबंधों या टैरिफ में छूट दे सकते हैं। यह बिल अप्रैल 2025 में रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने पेश किया था। 11 जुलाई को लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया। ट्रम्प ने कहा कि इस बिल को आगे बढ़ाना ग्राहम की प्राथमिकता थी और इसे उनकी याद में आगे बढ़ाया जा रहा है। अब तक 26 सीनेटर इस बिल को अपना समर्थन दे चुके हैं और आगे समर्थन बढ़ने की उम्मीद है।


नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

खबरों में अपडेट रहना हमारी आदत है और सबसे आगे रहना मेरा जुनून। अब नया लुक ऐप भी ले आया है। आप सभी से अनुरोध है कि आप इसे अपना प्यार, दुलार और आशीर्वाद दें। आप सभी से निवेदन है कि मेरा न्यूज ऐप अपने अपने फोन में इंस्टॉल कर लीजिए। मैं आप सभी का आभारी रहूंगा…। https://play।google।com/store/apps/details?id=com।app।nayalooknews

ये भी पढ़े

प्रेग्नेंसी, फिर भी डोसा खाने पहुंची दीपिका पादुकोण

देश बदल गया, अब इस पॉलिसी की जरूरत क्या?

धोखा या ब्लैकमेल से संबंध बने तो माना जायेगा रेप

राम मंदिर का सीईओ बनने के लिए मची होड़

 

 

Spread the love

2 thoughts on “भारत पर फिर 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा”

Comments are closed.

Moscow
International

पुतिन-ट्रंप वार्ता पर रयाबकोव का बड़ा बयान, तनाव बढ़ाने वालों को हुआ आश्चर्य

Moscow: रूस और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय बातचीत को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत के नतीजों ने उन लोगों को हैरान कर […]

Spread the love
Read More
New York
International

UN में भारत ने रखा पक्षः SDG के लिए वित्तीय व तकनीकी मदद जरूरी

शाश्वत तिवारी New York: संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत ने जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने और सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को हासिल करने की दिशा में अपनी वैश्विक प्रतिबद्धता को दृढ़ता से दोहराया है। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित अलग-अलग उच्च स्तरीय बैठकों के दौरान भारतीय राजनयिकों ने विकासशील देशों के […]

Spread the love
Read More
International

लद्दाख पर चीन का फिर विवादित दावा, 28 जगहों के नाम तय करने पर भारत का विरोध

New Delhi:  भारत और चीन के बीच लद्दाख को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। भारत की ओर से लद्दाख के 28 रणनीतिक और भौगोलिक स्थानों के नाम आधिकारिक रूप से निर्धारित किए जाने पर चीन ने कड़ा विरोध जताया है। चीन ने दावा किया है कि भारत के इस कदम से […]

Spread the love
Read More