
Lock Upp 2 : नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो ‘Lock Upp सच या सजा’ के हालिया एपिसोड में मनोरंजन से इतर एक गंभीर सामाजिक मुद्दे पर चर्चा देखने को मिली। शो के पांचवें एपिसोड में प्रतियोगियों ने सेक्सुअलिटी, पहचान, सामाजिक स्वीकार्यता और LGBTQ+ समुदाय से जुड़े अनुभवों पर खुलकर अपनी बात रखी। इस दौरान अभिनेता हर्षद चोपड़ा ने अपने पुराने नजरिए और डर को स्वीकार किया, जबकि फैशन इन्फ्लुएंसर सूफी मोतीवाला ने परिवार और समाज से मिले अस्वीकार का दर्द साझा किया। एपिसोड की शुरुआत मेकर्स द्वारा दिए गए एक चर्चा विषय से हुई, जिसमें सवाल उठाया गया कि क्या किसी व्यक्ति की सेक्सुअलिटी उसकी मूल पहचान है, उसकी पहचान का एक हिस्सा है या फिर समाज के नजरिए से तय होती है। इसी दौरान प्रतियोगियों के सामने एक आंकड़ा भी रखा गया कि बड़ी संख्या में लोग सामाजिक दबाव और आलोचना के डर से अपनी वास्तविक पहचान सार्वजनिक नहीं कर पाते।
सूफी मोतीवाला ने साझा किया निजी संघर्ष
चर्चा के दौरान सूफी मोतीवाला भावुक हो गए और उन्होंने LGBTQ+ समुदाय के सदस्य के तौर पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने परिवार से स्वीकार्यता नहीं मिल सकी और आज भी उनके माता-पिता उनकी पहचान को सामान्य रूप से स्वीकार नहीं कर पाए हैं। सूफी ने यह भी दावा किया कि कई लोगों को उनकी इच्छा के विरुद्ध तथाकथित “कन्वर्जन थेरेपी” के लिए भेजा जाता है, जहां उनके साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना तक होती है। अपनी बात रखते-रखते सूफी भावुक होकर रो पड़े। शो में मौजूद अन्य प्रतियोगियों ने उन्हें संभाला और समर्थन दिया। अभिनेता राम कपूर भी चर्चा के दौरान गंभीरता से उनकी बातें सुनते नजर आए।
हर्षद चोपड़ा ने स्वीकार किया पुराना डर
एपिसोड में अभिनेता धीरज धूपर और हर्षद चोपड़ा के बीच भी LGBTQ+ समुदाय को लेकर चर्चा हुई। धीरज ने कहा कि वह इस समुदाय के लोगों के साथ सहज महसूस करते हैं और उन्हें संवेदनशील एवं अच्छे इंसान मानते हैं। वहीं हर्षद चोपड़ा ने स्वीकार किया कि करियर के शुरुआती दौर में जानकारी की कमी और झिझक के कारण उनका नजरिया अलग था। उन्होंने एक पुराना अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक बार रैंप वॉक के दौरान उनकी मुलाकात एक समलैंगिक व्यक्ति से हुई थी और उस समय वह घबरा गए थे। उन्होंने वहां से निकलने के लिए बहाना बनाया और चले गए। हर्षद ने कहा कि समय के साथ उनकी सोच बदली। उन्होंने बताया कि हाल ही में जब उनकी दोबारा उसी व्यक्ति से मुलाकात हुई तो उन्होंने अपनी पुरानी प्रतिक्रिया के लिए माफी मांगी और स्वीकार किया कि उस समय वह स्थिति को समझने और संभालने में सक्षम नहीं थे।
पुराने बयान पर फिर छिड़ी बहस
हर्षद की इस बातचीत के बाद शो के एक पुराने एपिसोड की भी चर्चा शुरू हो गई। पहले प्रसारित एपिसोड में उन्होंने प्रतियोगी श्रेया कालरा से बातचीत के दौरान पूछा था कि यदि कोई व्यक्ति LGBTQ+ समुदाय से झिझक महसूस करता है, लेकिन उनसे नफरत नहीं करता, तो क्या उसे भी होमोफोबिक माना जाएगा। इस पर श्रेया ने कहा था कि समाज में कई तरह के भ्रम और स्टीरियोटाइप मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह धारणा गलत है कि हर समलैंगिक व्यक्ति सामने वाले में रुचि रखता है और किसी भी समुदाय को एक ही नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
खबरों में अपडेट रहना हमारी आदत है और सबसे आगे रहना मेरा जुनून। अब नया लुक ऐप भी ले आया है। आप सभी से अनुरोध है कि आप इसे अपना प्यार, दुलार और आशीर्वाद दें। आप सभी से निवेदन है कि मेरा न्यूज ऐप अपने अपने फोन में इंस्टॉल कर लीजिए। मैं आप सभी का आभारी रहूंगा…. https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
ये भी पढ़े
अश्लील वीडियो, धमकी और छेड़छाड़ के आरोपों से घिरे ससुर, पुलिस जांच शुरू
यूएन में बोला भारत- आतंकी सिर्फ आतंकी होता है, खत्म हों दोहरे मापदंड
यूएन में बोला भारत- आतंकी सिर्फ आतंकी होता है, खत्म हों दोहरे मापदंड
न्यूजीलैंड की मुश्किलें बढ़ीं, एंकल इंजरी से बेन सियर्स बाहर हुए


One thought on “Lock Upp 2 में हर्षद चोपड़ा का कबूलनामा, बोले- ‘पहले डर लगता था’, सूफी ने बयां किया दर्द”
Comments are closed.