
Karnataka Belagavi Murder Case : सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक पूर्व सैनिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उसे सलाइन चढ़ाई जा रही थी, लेकिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि उस सलाइन की बोतल में एक ऐसा रहस्य छिपा है, जो आगे चलकर एक बड़े मामले की वजह बन जाएगा। कुछ ही दिनों बाद उस सैनिक की मौत हो गई। परिवार ने ग़म और हालात को देखते हुए उसका अंतिम संस्कार कर दिया और मामला यहीं खत्म मान लिया गया। लेकिन करीब तीन महीने बाद इस घटना ने एक नया मोड़ ले लिया। अचानक इस मौत को लेकर सवाल उठने लगे और मामला पुलिस तक पहुंच गया। जांच आगे बढ़ी तो कब्र में दफ्न एक ऐसा सच सामने आया, जिसने पूरे कर्नाटक को झकझोर कर रख दिया।
13 मार्च 2026 की सुबह कर्नाटक के बेलगावी जिले में सब कुछ सामान्य था। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हो चुके संदीप मंजरगी किसी काम से घर से बाहर निकले थे। लेकिन रास्ते में वह अचानक एक सड़क हादसे का शिकार हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें संभाला और गंभीर हालत में नज़दीकी घटप्रभा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों को उम्मीद थी कि यह केवल मामूली चोटों का मामला है और कुछ दिनों में वह ठीक होकर घर लौट आएंगे। लेकिन किसी को यह अंदाज़ा नहीं था कि यह घटना आगे चलकर एक ऐसी गुत्थी में बदल जाएगी, जो सबको हिला देगी। अस्पताल में संदीप का इलाज चल रहा था, लेकिन कुछ ही समय बाद उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों और परिजनों ने इसे हादसे का ही परिणाम माना। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जरूरी कानूनी कार्रवाई पूरी की और शव परिजनों को सौंप दिया। गांव में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया और फिर उन्हें दफ्ना दिया गया।
संदीप कोई आम शख्स नहीं थे। उन्होंने भारतीय सेना में 17 साल तक देश की सेवा की थी और करीब तीन साल पहले ही रिटायर होकर अपने गांव घोडागेरी लौटे थे। उनकी शादी लगभग 20 साल पहले सुमा से हुई थी और परिवार सामान्य जीवन जी रहा था।
इसी दौरान संदीप की मुलाकात पुंडलिक डोंगर नाम के एक व्यक्ति से हुई, जो अंडा-चावल की दुकान चलाता था। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती गहरी होती चली गई और पुंडलिक की संदीप के घर में आवाजाही भी बढ़ने लगी। इसी बीच संदीप की पत्नी सुमा और पुंडलिक के बीच अवैध संबंध बनने लगे। समय के साथ दोनों एक-दूसरे के और करीब आ गए और साथ रहने की इच्छा रखने लगे। लेकिन उनके इस रिश्ते में सबसे बड़ी रुकावट संदीप ही थे। इसी दौरान उन्हें यह जानकारी मिली कि संदीप ने दो करोड़ रुपये का जीवन बीमा करवाया हुआ है।
यहीं से पूरी कहानी ने एक खतरनाक मोड़ ले लिया। बताया जाता है कि इस रकम के लालच में पुंडलिक और सुमा ने मिलकर संदीप को रास्ते से हटाने की साजिश रची। उन्हें वह मौका 13 मार्च को मिला, जब संदीप सड़क हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती थे।
अस्पताल में इलाज के दौरान सुमा ने बेहतर देखभाल का हवाला देकर संदीप को एक निजी अस्पताल के स्पेशल वार्ड में शिफ्ट करवाया। वहीं पुंडलिक का एक रिश्तेदार राहुल जोगी भी उसी अस्पताल में काम करता था। आरोप है कि इसी नेटवर्क के जरिए पुंडलिक ने राहुल की मदद से संदीप को खत्म करने की पूरी योजना तैयार की।
14 मार्च 2026 को अस्पताल के स्पेशल वार्ड में भर्ती संदीप को दी जा रही सलाइन की बोतल में खटमल मारने की दवा और चूहे का जहर मिला दिया गया। हालांकि उस दिन उनकी मौत नहीं हुई, जिससे पुंडलिक, सुमा और राहुल की बेचैनी और बढ़ गई।
15 मार्च 2026 को उन्होंने एक और खतरनाक कदम उठाया। इस बार बाहर से मंगाई गई सलाइन की बोतल में भारी मात्रा में कीटनाशक मिलाकर उसे संदीप को चढ़ाया गया। सलाइन लगने के बाद संदीप कुछ देर तक तड़पते रहे और फिर उनकी मौत हो गई। शुरुआती तौर पर इसे दिल का दौरा बताया गया और पुलिस ने भी उसी दिशा में जांच आगे बढ़ाई।
संदीप की मौत के बाद परिवार को बताया गया कि यह हार्ट अटैक का मामला है। लेकिन कुछ समय बाद सुमा के अंदर डर बढ़ने लगा और उसने अपनी मां को पूरी साजिश के बारे में बता दिया। यहीं से यह मामला धीरे-धीरे सरकारी तंत्र तक पहुंचने लगा।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने प्रभावशाली संपर्कों के जरिए फॉरेंसिक सिस्टम तक पहुंच बनाई। कथित तौर पर FDA कर्मचारी अशोक गुजनाल के माध्यम से FSL के कुछ अधिकारियों से संपर्क किया गया और करीब तीन लाख रुपये की रिश्वत देकर रिपोर्ट में हेरफेर कराने की कोशिश की गई, ताकि मौत को प्राकृतिक कारण दिखाया जा सके।
फॉरेंसिक रिपोर्ट बदलने के बाद मामला लगभग बंद मान लिया गया और आरोपियों को 2 करोड़ रुपये की बीमा राशि मिलने की उम्मीद थी। लेकिन जल्द ही इस साजिश में दरार पड़ने लगी। बीमा राशि के बंटवारे को लेकर सुमा और पुंडलिक के बीच विवाद बढ़ गया, जिससे उनका रिश्ता टूटने लगा।
इसी तनाव के दौरान कुछ बातें बाहर आने लगीं। सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट और दोनों के बीच झगड़े ने पुलिस का ध्यान खींचा। शक के आधार पर दोबारा पूछताछ शुरू हुई और धीरे-धीरे पूरी साजिश की परतें खुलने लगीं।
इसके बाद पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में संदीप के शव को कब्र से बाहर निकलवाया और दोबारा पोस्टमार्टम कराया। नमूनों को जांच के लिए भेजा गया और फॉरेंसिक रिपोर्ट का पुनः सत्यापन बेंगलुरु की लैब में कराया गया, जहां कथित तौर पर जहर दिए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद हत्या का मामला फिर से दर्ज किया गया।
जांच आगे बढ़ी तो केवल पत्नी और प्रेमी ही नहीं, बल्कि फॉरेंसिक तंत्र से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका भी सामने आई। पुलिस ने सुमा, पुंडलिक और FSL के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी नागराज समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है। पुंडलिक के एक बयान में बीमा राशि के लालच और साजिश का भी खुलासा बताया गया है।
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One thought on “कब्र से उठा राज: पूर्व फौजी की मौत के पीछे पत्नी और दोस्त की डरावनी साजिश”
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