
Guwahati Tezpur Corridor : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में गुरुवार को देश के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने असम में गुवाहाटी से तेजपुर के बीच एक बड़े 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इसके साथ ही बायो-एनर्जी को बढ़ावा देने वाली राष्ट्रीय एकीकृत गोबरधन योजना को भी हरी झंडी दे दी गई है।
असम में बनेगा 135.87 किलोमीटर लंबा 4-लेन हाईवे
कैबिनेट ने असम में NH-15 के तहत बैहाटा चारियाली से तेजपुर तक गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर विकसित करने की मंजूरी दी है। इस परियोजना की कुल लंबाई 135.871 किलोमीटर होगी। करीब 8970.20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह हाईवे बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) टोल मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य असम में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराना है।
तेजपुर बाईपास पर बनेगी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी
इस हाईवे परियोजना की सबसे खास बात तेजपुर बाईपास पर बनने वाली 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) है। इसे भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर अंतिम रूप दिया गया है। इस सुविधा से आपातकालीन परिस्थितियों में विमानों के संचालन में मदद मिलेगी। इसके अलावा यह परियोजना ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी हिस्से में NH-27 ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में भी सहायक होगी।
5 बड़े बाईपास और कई पुलों का होगा निर्माण
गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर परियोजना के तहत 58.7 किलोमीटर लंबाई वाले 5 बड़े बाईपास बनाए जाएंगे। इससे बैहाटा चारियाली, सिपाझार, खारुपेटिया, डेकियाजुली और तेजपुर जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात की समस्या कम होगी। परियोजना में 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर और तेजपुर बाईपास क्षेत्र में एक हाथी अंडरपास बनाने का भी प्रावधान है। इसके अलावा यातायात को सुचारू रखने के लिए 46 अंडरपास और करीब 210 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। सरकार का कहना है कि इस हाईवे के बनने से यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और सड़क सुरक्षा में भी सुधार आएगा।
23,731 करोड़ रुपये की गोबरधन योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने इसके अलावा देश में बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय एकीकृत गोबरधन योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के लिए 23,731 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) को देश के ऊर्जा मिश्रण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना है।
कृषि और जैविक कचरे से बनेगी स्वच्छ ऊर्जा
गोबरधन योजना के तहत कृषि अपशिष्ट, पशुओं का गोबर, गन्ने की खोई, शहरी जैविक कचरे और अन्य बायोमास संसाधनों का उपयोग कर स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद तैयार की जाएगी। सरकार के अनुसार, इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों की आय के नए स्रोत विकसित होंगे। साथ ही देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और जैविक कचरे का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।
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