लखनऊ के करूणालय में मानवता की मिसाल, दिव्यांगों की सेवा कर नम हुईं आंखें : रवि

Mother Teresa

मदर टेरेसा के करूणालय में लाचार दिव्यांगों को देख भर आई लोगों की आंखें: मोहिता

मदर टेरेसा की संस्था करूणालय मे विकलांगों के दर्शन मात्र से ही खुल जाती हैं ज्ञान की आंखें

पत्रकार विजय श्रीवास्तव

Mother Teresa अक्सर लोग गरीब, मजदूर, रिक्शा चालक, विधवा और मजबूर लोगों पर छोटी-छोटी बातों में गुस्सा कर बैठते हैं, लेकिन अगर इंसान एक बार लखनऊ के मोहनलालगंज स्थित मदर टेरेसा के “करूणालय” में रह रहे विकलांगों से मिल ले, तो उसकी सोच और जीवन दोनों बदल सकते हैं। यहां रह रहे 35 दिव्यांग ऐसे हैं, जो हाथ-पैर से पूरी तरह लाचार हैं और व्हीलचेयर पर अपना जीवन बिताने को मजबूर हैं। उनकी स्थिति देखकर किसी का भी मन द्रवित हो सकता है।

मंगलवार, 26 मई 2026 को आशीर्वाद हॉस्पिटल लखनऊ के डॉ. रवि और डॉ. अंशू ने अपनी स्वर्गीय माता एवं सास श्रीमती माया देवी श्रीवास्तव की आठवीं पुण्यतिथि पर “विकलांग सेवा दिवस” मनाया। इस अवसर पर उन्होंने करूणालय पहुंचकर दिव्यांगों के बीच फल, मिठाई, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरत का सामान वितरित किया।

मोहनलालगंज स्थित मदर टेरेसा के “करूणालय”
मोहनलालगंज स्थित मदर टेरेसा के “करूणालय”

इस दौरान भावुक होते हुए डॉ. रवि ने कहा कि  विकलांगों और असहाय लोगों की सेवा करने से आत्मसंतोष मिलता है। इंसान को जीवन में कभी-कभी श्मशान घाट और ऐसे करूणालयों में जरूर जाना चाहिए, ताकि उसे जीवन का वास्तविक ज्ञान और संवेदनाओं का महत्व समझ आ सके। वहीं मोहिता आंटी ने कहा कि “श्मशान घाट या विकलांगों के बीच जाने से ही आत्मज्ञान जागृत होता है।

मदर टेरेसा के करूणालय
मदर टेरेसा के करूणालय

कार्यक्रम में मौजूद विजय श्रीवास्तव ने कहा कि मदर टेरेसा की संस्था करूणालय में इन विकलांगों के दर्शन मात्र से ही इंसान की ज्ञान की आंखें खुल जाती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो लोग अपनी जायज-नाजायज कमाई का कुछ हिस्सा जरूरतमंदों की सेवा में लगाते हैं, उनके मन में पश्चाताप के साथ-साथ समाज के लिए कुछ अच्छा करने की प्रेरणा भी जन्म लेती है। कार्यक्रम में हॉस्पिटल प्रबंधन विजय सिंह, स्टाफ, सेवादारों सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन मौजूद रहे।

देशभर में संचालित हैं मदर टेरेसा के करूणालय

करूणालय के व्यवस्था प्रभारी लोरेंस ने बताया कि मदर टेरेसा की संस्थाएं पूरी दुनिया में संचालित हैं और भारत में इसका मुख्य कार्यालय कोलकाता में स्थित है। उन्होंने बताया कि देशभर में पुरुषों के लिए लगभग 50 तथा महिलाओं के लिए हजारों करूणालय संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने पूर्वजों की स्मृति में वस्त्र, भोजन, फल, मिठाई या आर्थिक सहयोग देना चाहते हैं, वे सीधे संस्था में आकर सहयोग कर सकते हैं। दूर-दराज के लोग बैंक खाते के माध्यम से भी सहयोग राशि भेज सकते हैं।

खाता नाम : missonaries of charity
Ac/No 4512967707
Ifsc code : KkBk0005198
Branch: Atrauli mohanlalganj मे भेज सकते हैं ।


 

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