रूसी राष्ट्रपति के विशेष प्रतिनिधि ने दी बड़ी चेतावनी, सजग हो जाए वर्ल्ड
TRUTH पर ट्रम्प का बड़ा संदेश, ईरान को झेलनी पड़ सकती है और परेशानियां
मास्को। रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (IRDF) के CEO और अन्य देशों के साथ निवेश एवं आर्थिक सहयोग के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष प्रतिनिधि किरिल दिमित्रीव ने कहा कि दुनिया इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रही है और उसे इसका एहसास भी नहीं है। दिमित्रीव ने ‘X’ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दुनिया इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की ओर नींद में चलती जा रही है और अब जाकर कुछ समझदार लोग इस पर ध्यान देना शुरू कर रहे हैं। उन्होंने साथी निवेशक एरिक नटाल के ब्लूमबर्ग को दिए एक साक्षात्कार पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि तेल की कीमत जल्द ही 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएगी। इससे पहले, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख फातिह बिरोल ने यूरोप में डीजल और जेट ईंधन की कमी के खतरे की चेतावनी दी थी। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के महानिदेशक विलियम वाल्श ने बाद में कहा कि जेट ईंधन की कमी के कारण मई के अंत तक यूरोप में उड़ानें रद्द होना शुरू हो सकता है जैसा कि पहले से ही कुछ एशियाई देशों में हो रहा है। ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के कारण फारस की खाड़ी से वैश्विक बाजारों तक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ हार्मुज’ प्रभावी रूप से अवरुद्ध हो गया है और इससे तेल निर्यात और उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। इस अवरोध के कारण दुनिया के अधिकांश देशों में ईंधन एवं औद्योगिक उत्पादों की कीमतें बढ़ रही हैं।
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दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह जल्द ही ईरान द्वारा अमेरिका को भेजे गए 14 सूत्री शांति प्रस्ताव की समीक्षा करेंगे और कहा कि इसके स्वीकार्य होने की संभावना नहीं है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया ‘TRUTH’ पर कहा कि मैं जल्द ही ईरान द्वारा अमेरिका को भेजी गई योजना की समीक्षा करूंगा लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगी क्योंकि उन्होंने पिछले 47 वर्षों में मानवता एवं विश्व के साथ जो किया है उसके लिए उन्होंने अभी तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है। ट्रंप ने ईरान पर हमले फिर से शुरू करने की संभावना से इनकार नहीं किया। फ्लोरिडा में पत्रकारों से इस मामले पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अगर वे दुर्व्यवहार करते हैं, अगर वे कुछ गलत करते हैं तो यह एक संभावना है कि ऐसा हो सकता है लेकिन अभी हम देखेंगे।
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तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष के लिए ईरान की शांति योजना में 14 बिंदु शामिल हैं और इसमें तेहरान को हर्जाना देना और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के आवागमन के लिए एक नया तंत्र बनाना शामिल है। इससे पहले आईआरएनए ने खबर दी थी कि 30 अप्रैल को ईरान ने अपनी नई शांति योजना का मसौदा पाकिस्तान को सौंप दिया था। प्रकाशन के अनुसार, अमेरिका ने दो महीने के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है लेकिन ईरान का कहना है कि मुद्दों का समाधान 30 दिनों के भीतर होना चाहिए, जिससे युद्धविराम के नवीनीकरण के बजाय युद्ध की पूर्ण समाप्ति पर ध्यान केंद्रित हो गया है। तेहरान की प्रमुख मांगों में हर्जाना, सैन्य आक्रामकता की पुनरावृत्ति न होने की गारंटी, ईरानी परिधि से अमेरिकी सेनाओं की वापसी, होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी की समाप्ति और वहां जहाजों के आवागमन के लिए एक नया तंत्र स्थापित करना शामिल है। ईरान विदेशों में स्थित अपनी संपत्तियों को मुक्त करने और प्रतिबंधों को हटाने की भी मांग कर रहा है।
(स्पुतनिक/वार्ता)
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