आसमां के बाद समंदर के भी हम सिंकदर… दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रध्वज फहराया
223 की टीम ने 2400 वर्ममीटर का तिरंगा समंदर में फहराया
भारत ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया है कि साहस, समर्पण और तकनीकी क्षमता के दम पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज यह नई उपलब्धि देश के लिए गर्व का विषय बन गई है। अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह के राधानगर बीच पर समुद्र की गहराइयों में 2400 वर्ग मीटर का विशाल भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराकर भारत ने इतिहास रच दिया है।
223 गोताखोरों की टीम ने रचा इतिहास
इस अद्भुत अभियान को सफल बनाने के लिए कुल 223 प्रशिक्षित गोताखोरों ने भाग लिया। इसमें भारतीय नौसेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान शामिल थे। समुद्र के भीतर 60 मीटर लंबा और 40 मीटर चौड़ा तिरंगा फहराना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन टीम ने इसे पूरी सटीकता और समन्वय के साथ पूरा किया।
साहस और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक
यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं बल्कि भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और शक्ति का प्रतीक है। लहरों के नीचे फहराता तिरंगा यह संदेश देता है कि भारत हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह मिशन उन जवानों के साहस, अनुशासन और देशभक्ति का प्रतीक है जो हर परिस्थिति में देश का नाम रोशन करते हैं।
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सरकार और नेताओं की प्रतिक्रिया
इस उपलब्धि पर देशभर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आईं। भारतीय जनता पार्टी ने इस रिकॉर्ड को भारत की नई उपलब्धियों की पहचान बताया। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत लगातार ऐसे कीर्तिमान स्थापित कर रहा है जो दुनिया का ध्यान आकर्षित करते हैं। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि अंडमान सागर की गहराई में तिरंगे का यह प्रदर्शन भारत की भव्यता और शक्ति को दर्शाता है। दिल्ली के नेता Parvesh Sahib Singh ने इसे हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया और जवानों की मेहनत व समर्पण की सराहना की।
क्यों खास है यह उपलब्धि?
इस रिकॉर्ड की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रतीकात्मक महत्व है। यह सिर्फ एक झंडा फहराने की घटना नहीं, बल्कि भारत की पहचान और शक्ति का प्रदर्शन है। यह भारत की तकनीकी क्षमता को दर्शाता हैयह जवानों के साहस और अनुशासन का प्रतीक है यह युवाओं को प्रेरणा देता हैयह वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को मजबूत करता है
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भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान
आज भारत केवल विकासशील देश नहीं, बल्कि एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति बन चुका है। ऐसे रिकॉर्ड यह साबित करते हैं कि भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है—चाहे वह विज्ञान हो, रक्षा हो या तकनीक। समुद्र की गहराई में तिरंगा फहराना यह संदेश देता है कि भारत हर सीमा को पार करने की क्षमता रखता है।
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One thought on “तिरंगे को सलाम :अंडमान-निकोबार में भारत के सूरमाओं ने रच डाला बड़ा इतिहास”
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