- एक समय देश में सोशल मीडिया ने मचा दिया था कोहराम, लोगों ने घरों में स्टोर करना शुरू कर दिया था गैस
- किसानों के माथे पर उभर आईं थीं परेशानी की लकीरें, डर था कहीं डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़े तो खत्म हो जाएगी खेती
अंशिका यादव
नया लुक डेस्क
नई दिल्ली/तेहरान/ वाशिंगटन। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के अपने फैसले को पलट दिया है. शनिवार को इस अहम जलमार्ग पर प्रतिबंध दोबारा लगा दिए गए हैं, क्योंकि अमेरिका ने कहा था कि इस कदम से उसकी नाकाबंदी समाप्त नहीं होगी. बता दें, ईरान ने इससे पहले होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने का ऐलान किया था। इस ऐलान के बाद एक बार फिर ऊर्जा बाजार में हलचल देखने को मिल रही है। पूरी दुनिया में आर्थिक मामलों ने जानकार सन्न हैं, वो बयान देने के लिए अभी तैयार नहीं है।
खबरों के मुताबिक ईरान ने सामरिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा अपने नियंत्रण में लेकर तुरंत बंद कर दिया है. इसके साथ ही खाड़ी में युद्ध जैसे हालात बनने लगे हैं. नाकेबंदी के चलते समुद्र में जहाजों की लंबी कतारें लग गई हैं, जबकि वहां से गुजर रहे दो जहाजों पर गोलीबारी की गई है. ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने साफ कहा है कि अब इस रास्ते से गुजरने वाले हर व्यापारिक जहाज को IRGC की नौसेना से इजाजत लेनी होगी. ईरान के इस आक्रामक कदम के बाद अमेरिका के साथ तनाव फिर चरम पर है. इसका सीधा असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और सुरक्षा पर पड़ता दिख रहा है।
बताते चलें कि अभी 24 घंटे पहले ईरान ने बड़ी घोषणा की थी। उसके विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर लिखा और कहा कि अब स्ट्रेट ऑफ हार्मुज सभी के लिए खुल गया है। लेकिन 24 घंटे के अंदर ही ईरान ने U-TURN मार दिया और स्ट्रेट ऑफ हार्मुज को दोबारा बंद कर दिया। 24 घंटे पहले ही ईरान ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा था कि डेढ़ महीने बाद वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दिया गया है। यह खबर ऊर्जा बाजार में बड़ी राहत लेकर आई है और तेल-गैस की कीमतें भरभराकर गिर पड़ी हैं। तेल की कीमतों में करीब 11 फीसदी और गैस की कीमतों में 8.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि इजरायल-लेबनान सीजफायर के बाद होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोल दिया गया है। गौरतलब है कि इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर पिछले 28 फरवरी को हमला किया था। इसके बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही तकरीबन बंद हो गई थी। अराघची ने यह भी कहा कि होर्मुज को संघर्षविराम की शेष अवधि के लिए ही खोला गया है। बताते चलें कि दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का परिवहन होर्मुज स्ट्रेट से होता है। क्योंकि देश की कुल कच्चे तेल आयात का 40-50 प्रतिशत (लगभग 2.5-2.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन) खाड़ी देशों- इराक, सऊदी अरब, यूएई, कुवैत से होर्मुज के जरिए आता है। युद्ध के दौरान ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में रुकावट की वजह से मार्च 2026 में भारत का कुल कच्चा तेल आयात करीब 15 प्रतिशत घट गया था।
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वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर लिखा कि लेबनान में संघर्ष-विराम के अनुरूप होर्मुज स्ट्रेट से सभी वाणिज्यिक जहाज़ों के गुज़रने का मार्ग, संघर्ष-विराम की शेष अवधि के लिए, पूरी तरह से खुला घोषित किया गया है; यह मार्ग उसी समन्वित मार्ग पर स्थित है जिसकी घोषणा ईरान के बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा पहले ही की जा चुकी है। इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से खुला है और व्यापार तथा पूर्ण आवागमन के लिए तैयार है; लेकिन नौसैनिक नाकाबंदी केवल ईरान के संबंध में ही पूरी तरह से लागू और प्रभावी रहेगी। और तब तक रहेगी जब तक कि ईरान के साथ हमारी डील 100 फीसदी पूरी नहीं हो जाती। यह प्रक्रिया बहुत तेज़ी से आगे बढ़नी चाहिए, क्योंकि इसके अधिकांश बिंदुओं पर पहले ही बातचीत हो चुकी है।
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बताते चलें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से भारत में भी रसोई गैस की किल्लत पैदा हो गई थी। इंडिया का LPG कतर समेत गल्फ के दूसरे देशों से इसी रास्ते से आता था। इस मार्ग के बंद होने से भारत LPG के लिए दूसरे विक्रेताओं के पास जाना पड़ा। इसके अलावा कुछ जहाजों को ईरान की सहमति के बाद नेवी की निगरानी में होर्मुज से भारत लाना पड़ा। गौरतलब है कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और अपनी कुल तेल जरूरत का करीब 85 प्रतिशत विदेश से आयात करता है। इन आयातों में से 60 फीसदी से ज्यादा तेल फ्रांस की खाड़ी के देशों जैसे सऊदी अरब, इराक, UAE, ईरान आदि से आता है, जो होर्मुज से होकर गुजरता है। पिछले दिनों भारत को एक बार फिर रूस की तरफ रुख करना पड़ा था। इस वजह से रूस से आयात में 90 प्रतिशत की उछाल आई और यह 1.9-2 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया। वहीं खाड़ी देशों से तेल-गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई। भारत होर्मुज स्ट्रेट के जरिए अपने एलपीजी आयात का 90 प्रतिशत मंगाता था लेकिन यह गिरकर 40 परसेंट रह गया था। LNG आपूर्ति भी बाधित रही। इससे देश में कुकिंग गैस की भारी किल्लत देखने को मिली है।
केंद्र सरकार इस संकट से लड़ने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद
पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के बीच भारत सरकार ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की। इस पत्रकारवार्ता में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने ईंधन की उपलब्धता, समुद्री संचालन, क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को दी जा रही सहायता की जानकारी प्रदान की। साथ ही समग्र स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए जा रहे उपायों के बारे में अद्यतन जानकारी भी दी गई। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ‘स्ट्रेट ऑफ हार्मुज’से संबंधित मौजूदा स्थिति के मद्देनजर देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील किया कि वे पेट्रोल, डीजल और LPG की घबराहट में खरीदारी करने से बचें क्योंकि सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। अफवाहों से सावधान रहें और सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। LPG उपभोक्ताओं को डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करने की सलाह दी गई। साथ ही नागरिकों को वैकल्पिक ईंधन जैसे कि PNG और इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। वर्तमान में सभी से आग्रह है कि वे अपने दैनिक उपयोग में ऊर्जा की बचत करें। इसके अलावा मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि घरेलू LPG, घरेलू PNG और CNG (परिवहन) की 100 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है।
वाणिज्यिक LPG के लिए अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा, फार्मा, इस्पात, ऑटोमोबाइल, बीज, कृषि आदि क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी गई है। साथ ही, प्रवासी श्रमिकों को पांच किलोग्राम एफटीएल की आपूर्ति दो और तीन मार्च 2026 को औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर दोगुनी कर दी गई है। सरकार ने आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई युक्तिकरण के उपाय पहले ही लागू कर दिए हैं, जिनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना और आपूर्ति के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है।
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इसके अलावा भारत सरकार के कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरीज को छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को वितरण के लिए राज्यों को अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति करने का निर्देश दिया है। राज्यों को घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए नए PNG कनेक्शन की सुविधा प्रदान करने की सलाह दी गई है। वहीं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और LPG नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत राज्य सरकारों को आपूर्ति की निगरानी करने और जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। LPG की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए देशभर में प्रवर्तन अभियान जारी हैं। 16 अप्रैल को 2900 से अधिक छापे मारे गए। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) की तेल विपणन कंपनियों ने अचानक निरीक्षण तेज कर दिए हैं और कल तक 255 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया है और 65 LPG वितरकों को निलंबित कर दिया है। कुल वाणिज्यिक LPG आवंटन को संकट-पूर्व स्तरों के लगभग 70 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है, जिसमें 10 प्रतिशत सुधार-संबंधी आवंटन शामिल है। सरकार ने छह अप्रैल को सूचित किया था कि प्रत्येक राज्य में प्रवासी श्रमिकों को वितरित किए जाने वाले पांच किलोग्राम FTL सिलेंडरों की दैनिक मात्रा को 21 मार्च के पत्र में 20 प्रतिशत की सीमा से अधिक 2-3 मार्च के दौरान प्रवासी श्रमिकों को की गई। ये पांच किलोग्राम FTL सिलेंडर राज्य सरकार के अधीन होंगे और वे तेल विपणन कंपनियों (OMC) की सहायता से केवल अपने राज्य में प्रवासी श्रमिकों को ही इनकी आपूर्ति कर सकेंगे। IOCL, HPCL और BPCL के कार्यकारी निदेशकों की एक तीन सदस्यीय समिति राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक LPG वितरण की योजना बनाने के लिए राज्य अधिकारियों और उद्योग निकायों के साथ समन्वय कर रही है।
सरकार उठा रही है कुछ सावधानियां
प्रतिदिन प्रेस वार्ता जारी करना और नियमित रूप से सार्वजनिक सलाह जारी करना।
सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों/गलत सूचनाओं की सक्रिय रूप से निगरानी करना और उनका मुकाबला करना।
जिला प्रशासन द्वारा दैनिक प्रवर्तन अभियानों को तेज करना और ओएमसी के समन्वय से छापे और निरीक्षण जारी रखना।
अपने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के भीतर वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन आदेश जारी करना
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित अतिरिक्त एसकेओ के लिए एसकेओ आवंटन आदेश जारी करना।
PNG में वैकल्पिक ईंधनों को अपनाना और उन्हें बढ़ावा देना।
विशेष रूप से घरेलू जरूरतों के लिए एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता देना,
आपूर्ति स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पांच किलोग्राम FTL सिलेंडरों का लक्षित वितरण अपनाना।
सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए नियंत्रण कक्ष और जिला निगरानी समितियां स्थापित की हैं।
कई राज्य/केंद्र शासित प्रदेश प्रेस विज्ञप्तियां जारी कर रहे हैं/संचालित कर रहे हैं।
मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है।
LPG वितरकों में आपूर्ति बंद होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
कल उद्योग भर में ऑनलाइन LPG बुकिंग में लगभग 98 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
हेराफेरी रोकने के लिए डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड ( DAC) आधारित डिलीवरी में लगभग 93 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। DAC उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त होता है। बुकिंग के मुकाबले घरेलू lPG सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है।
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