नया लुक डेस्क
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया युद्धविराम के बाद अब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार (11 अप्रैल 2026) को प्रस्तावित शांति वार्ता को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पाकिस्तान इस अहम बैठक की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार दिख रहा है, लेकिन जमीन पर हालात अब भी अनिश्चित बने हुए हैं।
रेड ज़ोन सील, हाई अलर्ट पर इस्लामाबाद
शांति वार्ता को देखते हुए इस्लामाबाद के रेड ज़ोन की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संसद, सरकारी दफ्तरों, दूतावासों और बड़े होटलों की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और पूरे इलाके को लगभग छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
पाकिस्तान ने मेहमानों के लिए खोले दरवाजे
पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान सहित सभी भागीदार देशों के लिए ‘रेड कारपेट’ बिछा दिया है। विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि वार्ता में शामिल प्रतिनिधियों और पत्रकारों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा दी जाएगी। एयरलाइंस से भी ऐसे यात्रियों को बिना वीजा बोर्डिंग देने की अपील की गई है। सूत्रों के मुताबिक, यह अहम बैठक सेरेना होटल इस्लामाबाद में आयोजित की जानी है। होटल को कई दिनों के लिए पूरी तरह बुक कर लिया गया है और आम मेहमानों के लिए खाली करा दिया गया है। आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
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ईरान ने वार्ता पर डाला संदेह
हालांकि, ईरान ने इस वार्ता को लेकर संशय पैदा कर दिया है। ईरानी न्यूज एजेंसी तसनीम के मुताबिक, इस्लामाबाद में ईरानी प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने की खबरें पूरी तरह गलत हैं। ईरान ने साफ किया है कि जब तक अमेरिका लेबनान में युद्धविराम को लेकर अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं करता, बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी।
होर्मुज विवाद से बढ़ा तनाव
इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूल रहा है और इसे तुरंत बंद करने की चेतावनी दी है।
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ईरान का सख्त संदेश
वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन वह अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा हालात को ईरान “युद्धविराम” नहीं मानता और उसकी “उंगलियां ट्रिगर पर हैं”।
