पवन खेड़ा के घर पहुंची असम पुलिस को नहीं मिले नेताजी

Untitled 3 copy 10
संजय सक्सेना

असम के मुख्यमत्री की पत्नी के पास तीन पासपोर्ट की बात कहकर विवाद खड़े करने वाले कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से पूछतांछ के लिये असम पुलिस पवन खेड़ा के दिल्ली आवास  पर पहुंच गई। वहां पता चला कि पवन आवास पर नहीं हैं। पवन के विवादास्पद बयान ने राजनीतिक हलकों में तूफान मचा दिया है। इससे असम का चुनाव भी प्रभावित हो सकता है। पवन खेड़ा से पूछताछ के लिए विशेष टीम भेजी गई है, जो इस मामले को गहराई से जांचने का इरादा रखती है। यह घटना न केवल असम की राजनीति को प्रभावित कर रही है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बहस छेड़ रही है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने हाल ही में एक सार्वजनिक बयान में दावा किया था कि असम के मुख्यमंत्रियों हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास तीन पासपोर्ट हैं। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का प्रतीक बताते हुए सरकार पर हमला बोला। इस बयान ने सोशल दुर्गा को हिला दिया और भाजपा समर्थकों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। असम सरकार ने इसे झूठा और अपमानजनक करार देते हुए कानूनी कार्रवाई की घोषणा कर दी। असम पुलिस की एक विशेष इकाई दिल्ली में पवन खेड़ा के आवास पर पहुंच गई है। वे उनसे औपचारिक पूछताछ करेंगे और उनके दावे के साक्ष्य मांगेंगे। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह जांच निष्पक्ष होगी और यदि कोई सबूत नहीं मिला तो उचित कदम उठाए जाएंगे।

ये भी पढ़ें

अमेरिका-ईरान सीजफायर: पाक की कूटनीतिक जीत, ‘विश्व गुरु’ पर उठे सवाल

बता दें इस घटना की जड़ें कुछ दिनों पहले की हैं। पवन खेड़ा ने एक संवादाता सम्मेलन में कहा था कि मुख्यमंत्रियों की पत्नी रिनिकी भुयां सरमा के पास भारतीय, कनाडाई और अमेरिकी पासपोर्ट हैं। उन्होंने दावा किया कि यह जानकारी आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त हुई है। कांग्रेस पार्टी ने इसे असम सरकार के खिलाफ बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश की, लेकिन भाजपा ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। मुख्यमंत्रियों हिमंता बिस्वा सरमा ने व्यक्तिगत रूप से खंडन किया और कहा कि यह बेबुनियाद आरोप है। उन्होंने पत्नी के पास केवल एक वैध भारतीय पासपोर्ट होने की पुष्टि की। सरमा ने कहा कि ऐसे झूठे बयानों से असम की जनता को गुमराह करने की साजिश रुकनी चाहिए। असम पुलिस की दिल्ली यात्रा सोमवार को शुरू हुई। विशेषज्ञ टीम में वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो राष्ट्रीय राजधानी में स्थानीय पुलिस के सहयोग से काम करेंगे। ताजा खबरों के अनुसार, पुलिस ने पवन खेड़ा को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। यदि वे हाजिर नहीं होते तो कोर्ट से वारंट लेने का विकल्प खुला है। कांग्रेस नेता ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनके करीबी स्रोतों का कहना है कि वे पूरे साक्ष्य के साथ पुलिस के सामने पेश होंगे। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने असम टीम को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।

ये भी पढ़ें

चीनी CCTV बैन करते थे मुखबिरी?

यह मामला अब अदालत तक पहुंच सकता है। असम सरकार ने पहले ही मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच जंग को तेज कर देगा। असम में भाजपा की मजबूत पकड़ है, और ऐसे आरोप सरकार की छवि को धूमिल करने की कोशिश हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस इसे सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज बता रही है। पवन खेड़ा, जो कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं, पहले भी कई विवादास्पद बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं। उनकी यह टिप्पणी पार्टी की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। असम पुलिस की कार्रवाई से राज्य की कानून व्यवस्था पर सकारात्मक संदेश जाता है। पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने कहा कि झूठे आरोपों से जनता का भरोसा डगमगाता है, इसलिए जांच जरूरी है। टीम दिल्ली पहुंचते ही खोजबीन शुरू कर दी। वे पवन खेड़ा के सोशल संदेशों, बयानों के वीडियो और अन्य दस्तावेज इकट्ठा कर रही है। यदि दावा साबित झूठा पाया गया तो देशद्रोह या मानहानि के तहत कार्रवाई हो सकती है। ताजा अपडेट में पता चला है कि खेड़ा ने वकील के माध्यम से कहा है कि वे जांच में सहयोग करेंगे।

ये भी पढ़ें

“न्याय की जंग अब ‘वोट की चोट’ तक” बंगाल चुनाव से पहले सियासत गरम

इस प्रकरण ने असम की राजनीति को नई ऊंचाई दे दी है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि कांग्रेस असम के विकास को रोकना चाहती है। रिनिकी भुयां सरमा, जो स्वयं एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता हैं, ने चुप्पी तोड़ी और कहा कि उनके पास केवल भारतीय नागरिकता का प्रमाण-पत्र है। उन्होंने तीन पासपोर्ट वाले दावे को हास्यास्पद बताया। यह विवाद अब मीडिया में प्रमुखता से छाया हुआ है, और हर नया अपडेट जनता की रुचि बढ़ा रहा है।विपक्षी दलों ने असम पुलिस की दिल्ली यात्रा पर सवाल उठाए हैं। वे इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहे हैं। आम आदमी पार्टी और अन्य ने कहा कि केंद्र सरकार का दबाव असम पुलिस पर है। लेकिन भाजपा ने इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया। ताजा खबरों के अनुसार, पूछताछ आज शाम तक शुरू हो सकती है। पवन खेड़ा के समर्थक उनके आवास के बाहर जमा हो रहे हैं, जबकि पुलिस सतर्कता बरत रही है। यह घटना भारतीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप की एक और मिसाल बन गई है। बहरहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि पूछताछ के बाद क्या होता है। यदि साक्ष्य मिले तो बड़ा खुलासा हो सकता है, वरना कांग्रेस नेता को कानूनी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। असम पुलिस की यह पहल राज्य सरकार की संकल्पशक्ति को दर्शाती है। जनता अब सच्चाई का इंतजार कर रही है।

Spread the love

Nana Patekar
Analysis Entertainment homeslider Uttar Pradesh

नाना पाटेकर : अभिनय का वह विद्रोही स्वर जो कभी खामोश नहीं होगा

Nana Patekar का इस दुनिया से चले जाना अभिनय की दुनिया में एक ऐसी वीरानी छोड़ गया है। जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। कुछ अभिनेता पर्दे पर आते हैं। अभिनय करते हैं। तालियाँ बटोरते हैं । चले जाते हैं। कुछ कलाकार दर्शकों के भीतर उतर जाते हैं। उनके संवाद स्मृतियों का हिस्सा बन जाते […]

Spread the love
Read More
Entertainment homeslider Uttar Pradesh

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर नहीं रहे, 75 की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन

नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन, गोवा स्थित घर पर कार्डियक अरेस्ट के बाद गई जान Mumbai : भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। गुरुवार को गोवा स्थित उनके आवास पर उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें गंभीर कार्डियक […]

Spread the love
Read More
Delhi Politics Uttar Pradesh

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, आज देशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज देशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन, जंतर-मंतर पर सुरक्षा कड़ी Digital Desk, New Delhi :  मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। कांग्रेस ने आज देशभर में प्रदर्शन करने का ऐलान किया […]

Spread the love
Read More