
कोलकाता । पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासी माहौल तेजी से गरमाता जा रहा है। पानीहाटी सीट से बीजेपी उम्मीदवार और आर.जी. कर पीड़िता की माँ रत्ना देबनाथ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ तीखा हमला बोला है। एक वायरल वीडियो में रत्ना देबनाथ का दर्द और गुस्सा साफ झलकता है। उन्होंने राज्य प्रशासन और मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी को अब तक न्याय नहीं मिला। उनका यह भावुक बयान अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है।
बीजेपी ने इस मुद्दे को “बेटी के सम्मान” और न्याय की लड़ाई के रूप में पेश किया है, जबकि सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इसे चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश बताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि व्यक्तिगत पीड़ा और न्याय की मांग जब चुनावी मंच पर आती है, तो उसका असर मतदाताओं पर गहरा पड़ सकता है। अब सवाल यह है कि क्या एक माँ का यह आक्रोश सच में ‘वोट की चोट’ में तब्दील होकर बंगाल की सत्ता की दिशा बदल पाएगा, या यह मुद्दा भी सियासी बयानबाज़ी तक ही सीमित रह जाएगा।


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