वॉशिंगटन/लंदन। हिंद महासागर में स्थित रणनीतिक सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया को निशाना बनाने की ईरान की कोशिश ने वैश्विक सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। ईरान द्वारा दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलें लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं, लेकिन इस घटना ने उसकी बढ़ती मारक क्षमता और सैन्य रणनीति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
3000 किमी दूर लक्ष्य पर हमला, दुनिया चौंकी
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अपनी तटरेखा से करीब 3000 किलोमीटर दूर स्थित इस अमेरिकी-ब्रिटिश संयुक्त अड्डे पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि दोनों मिसाइलें लक्ष्य भेदने में विफल रहीं, लेकिन यह पहला मौका माना जा रहा है जब इतने दूर और सुरक्षित माने जाने वाले अड्डे को निशाना बनाया गया। इससे संकेत मिलता है कि ईरान की मिसाइल क्षमता पहले बताए गए 2000 किमी दायरे से कहीं अधिक हो सकती है। घटना के बाद ब्रिटेन ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए हमले की निंदा की और इलाके में अपनी परमाणु पनडुब्बी तैनात कर दी। इस कदम को क्षेत्र में बढ़ते तनाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
ये भी पढ़ें
दक्षिण कोरिया में भीषण हादसा: कार पार्ट्स फैक्ट्री में आग, 10 कर्मचारियों की मौत; 59 घायल
विशेषज्ञों की राय: ICBM क्षमता पर उठे सवाल
वैश्विक सुरक्षा विशेषज्ञ जेफ़री लुईस के अनुसार, ईरान पहले अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) विकसित कर रहा था, जिसे बाद में अंतरिक्ष कार्यक्रम की ओर मोड़ दिया गया। वहीं विश्लेषक त्रिता पारसी का मानना है कि भले ही अमेरिकी मुख्यभूमि अभी सुरक्षित हो, लेकिन यह घटना बताती है कि कई ऐसे सैन्य ठिकाने, जिन्हें सुरक्षित माना जाता था, अब ईरान की पहुंच में हो सकते हैं।
यूरोप में भी बढ़ी चिंता
इस घटनाक्रम के बाद उन यूरोपीय देशों में भी चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने अमेरिका को अपने सैन्य अड्डों के उपयोग की अनुमति दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब ये देश अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं, क्योंकि वे भी संभावित खतरे के दायरे में आ सकते हैं।
ट्रंप का दावा और खुफिया रिपोर्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पहले भी दावा कर चुके हैं कि ईरान ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है जो भविष्य में अमेरिकी मुख्यभूमि तक पहुंच सकती हैं। हालांकि 2025 की एक खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान 2035 तक ही पूर्ण रूप से सक्षम ICBM विकसित कर सकता है। वह भी यदि वह इस दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ता है।
ये भी पढ़ें
छह माह में छह बंदियों की मौत से डॉक्टर की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
नई आशंकाएं: क्या ईरान के पास छिपी क्षमता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के पास पहले से अधिक उन्नत मिसाइल तकनीक हो सकती है। रणनीतिक अध्ययनों के अनुसार, उसकी कुछ मिसाइलें 2000 किमी से अधिक और क्रूज़ मिसाइलें करीब 3000 किमी तक मार कर सकती हैं। इसके अलावा, अंतरिक्ष प्रक्षेपण तकनीक को भी बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में उपयोग किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
