
- विकास भवन में पिस्टल लेकर घुसा बर्खास्त कर्मचारी
- प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाया बड़ा कदम
- विकास भवन के मुख्य द्वार पर लगाया जाएगा मेटल डिटेक्टर- CDO
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज। महराजगंज के विकास भवन में हुई सनसनीखेज घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। विकास भवन में अब असलहा लेकर घुसना संभव नहीं हो सकेगा। विकास भवन के मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाया जाएगा। इससे स्कैनिंग प्रक्रिया के बाद ही अधिकारी, कर्मचारी और फरियादियों को विकास भवन में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। CDO ने इसके लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय बुधवार की शाम विकास भवन में हुई मारपीट व असलहा लहराने की घटना के बाद लिया गया है।
ये भी पढ़ें
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
बुधवार की शाम विकास भवन के भूमितल पर संचालित उपायुक्त मनरेगा कार्यालय में बर्खास्त तकनीकी सहायक पिस्टल लेकर पहुंच गया। उसने उपायुक्त गौरवेंद्र सिंह के साथ न सिर्फ मारपीट की बल्कि सरकारी अभिलेख भी फाड़ दिए। मामले में उपायुक्त की तहरीर पर सदर कोतवाली में मनरेगा के बर्खास्त तकनीकी सहायक अरविंद कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
ये भी पढ़ें
ईरान को बड़ा झटका: इजरायली हमले में IRGC के प्रवक्ता अली मोहम्मद की मौत
इन राशियों को मिलेगा शुभ समाचार, खुलेंगे सफलता के नए द्वार
IAS Promotion: यूपी के 21 PCS अधिकारी बने IAS
घटना का संज्ञान लेते हुए सीडीओ महेंद्र प्रताप सिंह ने विकास भवन की सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए मेटल डिटेक्टर के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए। बता दें कि विकास भवन की सुरक्षा पुलिस के साथ ही पीआरडी जवानों के जिम्मे है। मुख्य द्वार के दोनों तरफ मेटल डिटेक्टर लगवाने की तैयारी शुरू की गई है। गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में पनियरा ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष तत्कालीन मनरेगा उपायुक्त करूणाकर अदीब (मौजूदा उपायुक्त लखीमपुर खीरी) को धमकाने की नीयत से उनके चेंबर में दाखिल हुए थे। हालांकि उस वक्त अदीब अपने चेंबर में नहीं थे। मामले में सुरक्षा में लगे पीआरडी जवान पर कार्रवाई हुई थी। इसके अलावा विकास भवन में पति-पत्नी विवाद जैसे मामले भी हो चुके हैं।

