राज्यसभा में संजय सिंह का केंद्र पर हमला: ‘विकसित भारत के विजन में गांवों की जगह कहां?

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लखनऊ/नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बुधवार को राज्यसभा में ग्रामीण विकास के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब सरकार “विकसित भारत” की बात करती है तो देश को यह जानने का अधिकार है कि उसके विजन में गांवों की जगह कहां है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2026–27 के बजट में ग्रामीण विकास के लिए केवल 3.6 प्रतिशत राशि तय की गई है, जो सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है।

जल जीवन मिशन पर उठाए सवाल

सिंह ने कहा कि सरकार की प्रमुख योजना जल जीवन मिशन की जमीनी स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों में पाइपलाइन के नाम पर सड़कों को खोद दिया गया और लोगों के घरों में मीटर लगाकर पैसे वसूले जा रहे हैं। उनके मुताबिक यह योजना “हर घर जल” नहीं बल्कि जनजीवन को अस्त-व्यस्त करने वाली योजना बन गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना में भ्रष्टाचार के आरोप भाजपा के भीतर से भी उठ रहे हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने बृजेश राजपूत का जिक्र किया, जिन्होंने कथित तौर पर जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी की टंकियों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे।

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मनरेगा को खत्म करने की साजिश का आरोप

भाजपा सरकार धीरे-धीरे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मनरेगा के तहत औसतन 50 दिन से अधिक रोजगार नहीं दिया जा रहा, जबकि 125 दिन की गारंटी के लिए लगभग दो लाख करोड़ रुपये की जरूरत है। इसके मुकाबले बजट में केवल 88 हजार करोड़ रुपये ही रखे गए हैं।

उज्ज्वला और गैस संकट का मुद्दा

संजय सिंह ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का भी जिक्र किया और कहा कि गांवों में करोड़ों गैस कनेक्शन दिए गए, लेकिन मौजूदा हालात में गैस संकट की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हालात का हवाला देते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए।

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किसानों और राज्यों के साथ ‘सौतेला व्यवहार’ का आरोप

संजय  ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों और किसानों के साथ न्याय नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि पंजाब के ग्रामीण विकास से जुड़े करीब 8000 करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने रोक रखे हैं। साथ ही वाराणसी में किसानों की जमीन अधिग्रहण का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। संजय सिंह ने कहा कि सरकार की अव्यवस्थित नीतियों का खामियाजा राज्यों और ग्रामीण भारत को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण विकास के नाम पर देश की जनता को लगातार गुमराह किया जा रहा है।

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