अयोध्या/नई दिल्ली। मध्य पूर्व में Iran, Israel और United States के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच रामनगरी अयोध्या में एलपीजी गैस की किल्लत ने धार्मिक और सामाजिक व्यवस्थाओं को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। गैस की कमी के चलते प्रसिद्ध श्रीराम रसोई को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों के लिए भोजन तैयार किया जाता था। रसोई के बंद होने से सेवा कार्य भी प्रभावित हुआ है। इसी तरह हनुमानगढ़ी मंदिर में चढ़ाए जाने वाले प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद के उत्पादन पर भी संकट गहराने लगा है। गैस की आपूर्ति बाधित होने से प्रसाद बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो उत्पादन पूरी तरह ठप होने की आशंका जताई जा रही है।
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दरअसल, मध्य पूर्व में Iran और Israel के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण कई देशों में अस्थिरता का माहौल है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा जा रहा है कि हालिया घटनाओं के बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई तेज हुई है, हालांकि ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei को लेकर चल रही कई खबरों की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। मध्य पूर्व के कई स्थानों जैसे Dubai, Qatar, Bahrain और Oman में भी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव लंबा खिंचता है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर इसका असर और गहरा हो सकता है।
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भारत में फिलहाल पेट्रोल और डीजल के स्टॉक को लेकर कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है, लेकिन एलपीजी की सप्लाई पर दबाव की स्थिति को देखते हुए कई जगहों पर एहतियातन निगरानी बढ़ा दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होने पर ही ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह स्थिर हो पाएगी। फिलहाल पूरी दुनिया की निगाहें मध्य पूर्व में बन रहे हालात पर टिकी हुई हैं।
