शासन को गुमराह कर करोड़ों का भुगतान करने की तैयारी!

  • कारागार विभाग में टेंडर में हुई धांधली का मामला
  • टेंडर की जांच में एआईजी जेल प्रशासन ने कराई लीपापोती
  • मोटे कमिशन की खातिर चहेती फर्म को भुगतान करने की तैयारी

नया लुक संवाददाता

लखनऊ। कारागार विभाग में मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। भ्रष्टाचारी अफसरों पर कार्रवाई नहीं होने से अफसरों के हौसले बुलंद हो गए हैं। यही वजह है कि विभाग के अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन की अवैध वसूली और कमीशनखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। मसालों की आपूर्ति के लिए मांगे गए टेंडर में धांधलेबाजी की शिकायत के बाद मोटे कमीशन की खातिर शासन को गुमराह कर ठेकेदार को करीब साढ़े नौ करोड़ का भुगतान कराने की तैयारी अंतिम चरण में है। यह मामला विभागीय अधिकारियों और कर्मियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर कमीशनखोरी के नायक एआईजी जेल प्रशासन समेत अन्य आला अफसरों ने पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

ये भी पढ़ें

कारागार विभाग को जल्दी मिलेंगे 16 नए जेलर

कारागार मुख्यालय ने प्रदेश की जेलों में मसालों की आपूर्ति के लिए टेंडर निकाला गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अप्रैल माह के बजाए एआईजी के प्रशासन ने करीब आठ माह बाद अक्टूबर माह में विभाग ने टेंडर निकाला। इसके लिए जेल मुख्यालय को 10 निविदाएं प्राप्त हुई। एआईजी ने सात निविदाओं को निरस्त करते हुए तीन निविदाओं को पास किया में से अपनी चहेती फर्म शक्ति इंटरप्राइजेज को मसालों की आपूर्ति का ठेका दे दिया गया। टेंटर में अनियमिताएं सुर्खियों में आने के बाद शासन के संयुक्त सचिव ने निविदाओं की जांच का आदेश दिया। मुख्यालय ने इसकी जांच डीआईजी कानपुर परिक्षेत्र का सौंप दी।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

ये भी पढ़ें

बरसों बाद सुप्रीम चिंता, पंच परमेश्वर पढ़ लीजिए जज साहब…

सूत्र बताते है कि शासन के टेंडरों की जांच करने के निर्देश को बाद जांच पूरी नहीं हो पाई थी कि बेखौफ एआईजी प्रशासन ने चहेती फर्म को वर्क ऑर्डर देकर माल के परीक्षण और आपूर्ति का भी निर्देश दे दिया। जांच चलने के दौरान माल की आपूर्ति भी करा ली गई। सूत्रों का कहना है कि फर्म को भुगतान करने के लिए एआईजी ने जांच कर रहे डीआईजी पर दबाव बनाकर आनन फानन जांच कराई। डीआईजी ने स्टेनो विमल यादव से जांच रिपोर्ट तैयार कराकर डीजी जेल के सुपुर्द भी कर दी है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजकर नियमों को दरकिनार करके टेंडर हासिल करने वाली चहेती फर्म को साढ़े नौ करोड़ का भुगतान करने की तैयारी अंतिम चरण में है। एक तरफ शासन और डीजी जेल के जांच आदेश और दूसरी ओर आपूर्ति के बाद भुगतान का मामला विभागीय अधिकारियों और कर्मियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसको लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। उधर इस संबंध में जब प्रमुख सचिव कारागार अनिल गर्ग और एआईजी जेल प्रशासन धर्मेंद्र सिंह से बात करने का प्रयास किया गया तो कई प्रयासों के बाद भी उनका फोन नहीं उठा।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Business homeslider International

ईरान युद्ध का असर: मजबूत अर्थव्यवस्था, लेकिन कमजोर प्रबंधन ने बढ़ाई चिंता

नया लुक डेस्क  ईरान-इजराइल-अमेरिका तनाव के बीच वैश्विक और भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमराई नहीं है, लेकिन मौजूदा हालात ने आर्थिक प्रबंधन की खामियों को उजागर कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार स्थिति की गंभीरता की ओर इशारा करते रहे हैं, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हालिया बयान इससे अलग तस्वीर पेश करता […]

Read More
homeslider International

होर्मुज पर टकराव तेज: ट्रंप की नाकाबंदी के ऐलान के बाद ईरान की दूसरी बड़ी चेतावनी

नया लुक डेस्क  अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। बातचीत नाकाम होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 अप्रैल से होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी का ऐलान कर दिया है। इसके जवाब में ईरान ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए पूरे क्षेत्र में बड़े संकट के […]

Read More
homeslider Purvanchal

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सुतीक्ष्ण मुनि महाराज बने ठाकुरद्वारा मठ के महंत

महुली थाना क्षेत्र के मुखलिसपुर का मामला  आशुतोष मिश्रा  संतकबीरनगर जनपद के नाथनगर ब्लॉक अंतर्गत मुखलिसपुर स्थित ठाकुरद्वारा मठ में सोमवार को सनातन परंपरा और आस्था का भव्य संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार, तिलक और चादर की रस्मों के बीच संत सुतीक्ष्ण मुनि जी महाराज को विधिवत महंत पद की जिम्मेदारी सौंपते हुए गद्दी […]

Read More