- चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देना हुआ अनिवार्य, 47,816 कर्मचारी अब भी लंबित
नया लुक ब्यूरो
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने मानव संपदा पोर्टल के संबंध में एक नया आदेश जारी करते हुए कर्मचारियों को राहत तो दी है, लेकिन साथ ही कड़ी चेतावनी भी दे दी है। शासन ने चल और अचल संपत्ति का विवरण जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 10 मार्च कर दी है। नए आदेश के तहत सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से अपनी चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड करना होगा। शासन के अनुसार पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य की गई है।
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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब भी 47,816 कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा जमा नहीं किया है। इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने स्पष्ट किया है कि 31 जनवरी तक जिन कर्मचारियों ने विवरण नहीं दिया था, उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि जिन कर्मचारियों ने 31 जनवरी के बाद भी बिना विवरण दिए वेतन आहरित किया है, उनके संबंधित विभागीय वित्त नियंत्रकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यानी अब केवल कर्मचारी ही नहीं, बल्कि वेतन जारी करने वाले अधिकारी भी जवाबदेह होंगे।
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सरकार का कहना है कि संपत्ति विवरण ऑनलाइन दर्ज करने से प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर अंकुश लगेगा। विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे लंबित कर्मचारियों से तत्काल संपर्क कर विवरण अपलोड सुनिश्चित कराएं। स्पष्ट है कि सरकार इस मुद्दे पर अब किसी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। 10 मार्च के बाद कार्रवाई और तेज हो सकती है।
