भारतीय रसोई में मौजूद मसाले सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी माने जाते हैं। इन्हीं में से एक है दालचीनी, जो देखने में लकड़ी जैसी होती है लेकिन इसके गुण किसी औषधि से कम नहीं हैं। आयुर्वेद और आधुनिक शोध दोनों ही दालचीनी को स्वास्थ्य के लिए उपयोगी मानते हैं। आयुष मंत्रालय भी पारंपरिक जड़ी-बूटियों के उपयोग को स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण मानता है, और दालचीनी उनमें प्रमुख स्थान रखती है।
दालचीनी का पानी खासतौर पर वजन घटाने में सहायक माना जाता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करते हैं, जिससे शरीर ज्यादा कैलोरी बर्न करता है। जब मेटाबॉलिज्म सही तरीके से काम करता है, तो शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है। खासकर पेट की चर्बी कम करने में इसका नियमित सेवन लाभकारी साबित हो सकता है।
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इसके अलावा दालचीनी ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में भी मदद करती है। जब शरीर में शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है, तो बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो जाती है। इससे व्यक्ति अनावश्यक खाने से बचता है और वजन नियंत्रण में रहता है। यही कारण है कि दालचीनी को डायबिटीज मरीजों के लिए भी उपयोगी माना जाता है।
दालचीनी का पानी शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालते हैं, जिससे शरीर अंदर से साफ और स्वस्थ रहता है। इससे न केवल वजन कम करने में मदद मिलती है, बल्कि त्वचा भी साफ और चमकदार बनती है।
इम्यूनिटी बढ़ाने में भी दालचीनी अहम भूमिका निभाती है। इसका नियमित सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, जिससे सर्दी, खांसी और संक्रमण जैसी समस्याओं से बचाव होता है। खासकर मौसम बदलने के समय इसका सेवन अधिक फायदेमंद होता है।
दालचीनी का पानी बनाने के लिए एक गिलास पानी में दालचीनी का छोटा टुकड़ा या आधा चम्मच पाउडर डालकर 5–7 मिनट तक उबालें। इसके बाद इसे छानकर गुनगुना होने पर सुबह खाली पेट पी सकते हैं। नियमित सेवन से धीरे-धीरे इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
