- शिक्षा के साथ उद्यमशीलता और टीमवर्क ही गढ़ता है भविष्य: डॉ अर्चना तिवारी
- युवा नारी शक्ति के हाथों नवाचार और स्वाद का अनोखा संगम
गोरखपुर। शिक्षा के साथ उद्यमशीलता और टीम वर्क से ही युवाओं के भविष्य का निर्माण संभव है। नए भारत की नई शिक्षा नीति में यह ऐसा नियामक तत्व है जिससे पूर्ण विकसित भारत की आधारशिला रखी जा रही है। 2047 के विकसित भारत का यही सपना भी है। प्रख्यात शिक्षाविद और पूर्वांचल में गृहविज्ञान विषय की संस्थापक डॉ अर्चना तिवारी ने उक्त बातें कही। वहचन्द्रकान्ति रमावती देवी आर्य महिला पी.जी. कॉलेज में आयोजित विशाल फूड फेयर में मुख्य अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित कर रही थीं।चंद्रकांति रमावती देवी आर्य महिला कॉलेज में बुधवार को प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गृह विज्ञान विभाग एवं आई.क्यू.ए.सी. के संयुक्त तत्वावधान में फूड फेयर प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष प्रतियोगिता की थीम माडर्न फ्यूजन डिशेज इन होली : विविध स्वरूप (MODERN FUSION DISHES IN HOLI DELICACIES (Different Andaaz)” रही, जिसके अंतर्गत छात्राओं ने होली से जुड़े पारम्परिक व्यंजनों को आधुनिक फ्यूजन शैली में आकर्षक रूप से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अर्चना तिवारी, पूर्व विभागाध्यक्ष, गंगोत्री देवी महिला पी.जी. कॉलेज, गोरखपुर की गरिमामयी उपस्थिति के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री पुष्पदंत जैन, चेयरपर्सन मैनेजमेंट कमिटी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि द्वारा रिबन काटकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया तथा सभी स्टॉलों का अवलोकन कर छात्राओं की सृजनात्मकता एवं रचनात्मक व्यंजन प्रस्तुति की सराहना की तथा यह भी बताया कि कॉलेज में आयोजित होने वाले फूड फेयर छात्रों में उद्यमशीलता, कुकिंग स्किल और टीमवर्क को बढ़ावा देते हैं अतः सभी छात्राओं को इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
महाविद्यालय के विभिन्न विभागों की छात्राओं ने अपने-अपने आकर्षक एवं सुसज्जित स्टॉल लगाए, जिनमें होली विशेष व्यंजनों को नवीन एवं मनमोहक रूप में प्रस्तुत किया गया। जैसे गुजियों की बारात ,कोकोनट बाइट, बटाटा पुरी, पापड़ी चाट, रंगीला मोमोज, न्यूट्री इडली बाउल, गुलाबी रसमलाई, चटपटी पिचकारी पानी पुरी ,मिठाइयों की टोली ,दही बताशे, ढोकला ,गोल्डन बाईट कटलेट, दही बड़ा,फ्लेवर फायर भेलपुरी, प्रेमी लस्सी, अन्नपूर्णा बड़ा, आलू चाट कचालू आदि व्यंजनों को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रदर्शित किया गया।
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निर्णायक मंडल द्वारा स्वाद, स्वच्छता, सृजनात्मक प्रस्तुति, प्लेटिंग और गार्निशिंग एवं थीम आधारित व्यंजन के आधार पर मूल्यांकन किया गया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ठ स्थान दही बड़ा,प्रथम स्थान स्ट्रॉबेरी सैगो कस्टर्ड,द्वितीय स्थान प्रेमी लस्सी, तृतीय स्थान चटपटी पिचकारी पानी पूरी, गुजियों की बारात तथा सांत्वना पुरस्कार बादमे बहारा, न्यूट्री इडली बाउल को मिला। इसके अतिरिक्त अन्य उत्कृष्ट स्टॉलों को भी प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का सफल संचालन गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सारिका जायसवाल एवं संस्कृति विभाग की विभाग अध्यक्ष डॉ दिव्या त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रबंधक डॉ. विजयलक्ष्मी मिश्रा, प्राचार्या डॉ. सुमन सिंह, उप-प्राचार्य डॉ. स्वप्निल पांडेय, आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक डॉ. रेखा श्रीवास्तव, बी०एड० विभागाध्यक्ष डॉ. अपर्णा मिश्रा, डॉ. अनिता सिंह, श्रीमती पूजा गुप्ता, सुश्री हुमा हसन, एवं अन्य प्रवक्तागण तथा समस्त छात्राएँ उपस्थित रहीं।
